
फाइल फोटो पत्रिका
सुरेश जैन
RPCB New Order : राजस्थान में चलने वाले ईंट-भट्टे 30 जून बाद बंद हो जाएंगे। इसके बाद जो भी ईंट-भट्टा चलता मिलेगा, उसके खिलाफ राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल तय मापदंड के अनुसार जुर्माना लगाएगा। प्रदेश में करीब 5 हजार तथा भीलवाड़ा जिले में 250 से अधिक ईंट-भट्टे संचालित हैं। ये ईंट-भट्टे अब एक जुलाई से 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। इनका संचालन एक जनवरी 2026 से ही हो सकेगा।
राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड आरपीसीबी ने आदेश जारी किया है कि राज्य में ईंट-भट्टों का संचालन अब साल में सिर्फ छह माह तक होगा। संचालन अवधि 1 जनवरी से 30 जून तक होगी। पहले ईंट-भट्टों का संचालन नौ माह होता था। प्रदेश में पांच हजार से अधिक ईंट-भट्टे हैं। इन भट्टों में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश तथा बिहार समेत अन्य राज्यों से हजारों श्रमिक काम करने आते है। नए नियम से श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
एनजीटी ने 24 जनवरी 2024 को बड़े समूहों में चल रहे ईंट-भट्टों को नियंत्रित करने का आदेश दिया था। इसके बाद ईंट-भट्टा संघों ने खुद प्रदूषण नियंत्रण के लिए फायरिंग अवधि सीमित करने का प्रस्ताव रखा। 22 जनवरी 2025 को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आदेश जारी कर 30 जून के बाद भट्टे नहीं चलाने के आदेश दिए। इसके तहत पूरे प्रदेश में नियम लागू होगा। यानी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक भट्टों की फायरिंग पूरी तरह बंद रहेगी।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आदेशों के अनुसार 30 जून के बाद ईट भट्टे बंद होंगे। पुन: संचालन 1 जनवरी से हो सकेगा। इस दौरान जिले में कोई भी ईट भट्टा संचालक इसका संचालन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दीपक धनेटवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, आरपीसीबी
Updated on:
29 Jun 2025 11:31 am
Published on:
29 Jun 2025 11:31 am
