
रामपुरा आगूचा दुनिया की पहली बड़ी भूमिगत खदानों में से एक
भीलवाड़ा. जिले के हुरड़ा तहसील के रामपुरा आगूचा में हिन्दुस्तान जिंक की दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत खदान है। इसमें जिंक (जस्ता) निकलता है। वर्ष 1991 में ओपनकास्ट खनन कार्य शुरू हुआ। यह वर्ष 2016 में भूमिगत खदान में बदल गया।
अब यह खदान मशीनों व डिजिटल रूप से संचालित है। खदान में वित्त वर्ष 2021-22 के अंत तक 74.9 मिलियन टन अयस्क के भंडार हैं। खनन ग्रेड के लिहाज से देश की सबसे बड़ी जिंक खान है। जिसमें अब तक लगभग 200 किलोमीटर माईन डवलपमेण्ट किया गया है। इस खदान में 348 हैक्टेयर में विभिन्न प्रजाति के 6 लाख से अधिक पौधे लगे हैं। खदान से निकलने वाले मिनरल से ही खनिज विभाग को भी सबसे अधिक रॉयल्टी मिलती है।
देश की पहली भूमिगत एम्बुलेंस यहां
रामपुरा आगुचा खदान में भारत का पहली भूमिगत एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा स्टेशन सतह से 600 मीटर गहराई पर स्थित है। बचाव दल और पैरामेडिकल स्टाफ भूमिगत खदान में 24 घंटे तैनात रहता है। अत्याधुनिक सुविधाओं और रिवाइविंग उपकरणों से लैस आपातकालीन वाहन हर समय उपलब्ध है।
Published on:
07 Jan 2023 12:00 pm
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