
Ravana combustion takes place in the crematorium in Bhilwara
बनेड़ा। दशहरे पर्व पर रावण बनता हैं, वही उसे जलाया जाता है, लेकिन भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा कस्बे में रावण के पुतले की सवारी को जुलूस के रुप में निकाला जाता हैं फिर श्मशान घाट में होता दहन करने की परम्परा है। इस तरह पूरे प्रदेश में अनोखा होता है बनेड़ा का रावण दहन। Ravana combustion takes place in the crematorium in Bhilwara
कस्बे के युवा दिन में नाचते-गाते हुए रावण का जुलूस ठेठ श्मशान घाट तक ले जाते हैं वहीं पर रावण का दहन किया जाता है।
कस्बे के लोग दिन में खारिया कुण्ड से रावण के साथ रवाना होकर मुख्य बाजार बस स्टैण्ड से होते हुए, अखाड़ा प्रदर्शन करते हुए शाम को श्मशान घाट तक पहुंचते हैं। फिर वहीं पर रावण के पुतले का दहन किया जाता हैं। इस मौके पर आतिशबाजी भी की जाती हैं। Ravana combustion takes place in the crematorium in Bhilwara
दशहरा कमेटी के अरविन्द अजमेरा ने बताया कि यह परम्परा लगभग 45 वर्षों से चली आ रही है जो उनके दादाजी स्व. रामस्वरूप अजमेरा ने शुरू की थी। पूरे भारत वर्ष में सिर्फ बनेड़ा में ही इस तरह की सवारी निकाली जाती हैं। Ravana combustion takes place in the crematorium in Bhilwara
किशनसिंह ने बताया की रावण के पुतले को बनेड़ा के स्थानीय कारीगरों से ही बनवाया जाता हैं। सभी लोग इसमें सहयोग करते हैं। इसी तरह रावण जुलूस में अखाड़ा प्रदर्शन के लिए भी गोपाल सोनी के नेतृत्व में युवा दिन-रात अभ्यास की तैयारियां की है। Ravana combustion takes place in the crematorium in Bhilwara
Published on:
08 Oct 2019 02:53 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
