
प्राइवेट बस स्टैण्ड स्थित रेनबसेरे के हाल बेहाल हैं। रात्रि में बेसहारा को सहारा देने के लिए स्थापित रेनबसेरे को सुरक्षा का सहारा देने वाला कोई नहीें है।
भीलवाडा़।
प्राइवेट बस स्टैण्ड स्थित रेनबसेरे के हाल बेहाल हैं। रात्रि में बेसहारा को सहारा देने के लिए स्थापित रेनबसेरे को सुरक्षा का सहारा देने वाला कोई नहीें है। हालात यह है कि रेनबसेरा दिन में खुला तो रहता है लेकिन अन्दर कोई कर्मचारी तैनात नहीं रहता। रेनबसेरे में बने कमरों के ताले लटके मिलते है तो सफाई का भी अभाव है। जब दिन में ही रेनबसेरों का यह हाल है तो रात्रि में और भी बुरी स्थिति होती है।
जी हां यही हाल है प्राइवेट बस स्टैण्ड पर नगर परिषद द्वारा संचालित रेन बसेरे के। राजस्थान पत्रिका की टीम गुरूवार को जब रेनबसेरे पहुंची तो हकीकत सामने आई। रेनबसेरे का मुख्यद्वार खुला था अन्दर प्रवेश किया तो वहां कोई नहीं मिला। कर्मचारी नदारद था। सफाई का भी अभाव मिला। रेनबसेरे के सुविधाघर भी साफ नहीं थे। खराब कूलर हॉल मे पडे़ मिले। बाहर पड़ी पानी की टंकी से लीकेज के चलते पानी बह रहा था और परिसर के पास ही गन्दगी के ढेर लगे हुए थे, जिससे बदबू आ रही थी।
शहर में रेनबसेरों का संचालन किया जा रहा है, यदि इनमे कही अव्यवस्था है तो इन्हें सुधारा जायेगा।
रवीन्द्र यादव, आयुक्त नगर परिषद
सरकारी नाले पर अतिक्रमण
पुर कस्बे में सरकारी नाले पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने प्लाट काटकर नाले का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया। जिससे कस्बावासियों में आक्रोश है। प्रभुलाल माली सहित अन्य लोगों ने बताया कि फूलेरिया मालियों के पंचायती नोहरे के पास आराजी संख्या 2053 स्थित सरकारी नाले पर कब्जा कर प्रभावशाली लोगों ने भूखण्ड काट दिए। इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारियों कलक्टर को भी कस्बावासियों ने शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर परिषद प्रशासन ने उक्त आराजी में नाला होने से ही इंकार कर दिया। जबकि जन सुनवाई में तहसीलदार द्वारा सरकारी नाला होने की जानकारी दी गयी। इसके बावजूद अब तक नाले पर काबिज लोगों को नही हटाया गया।
Published on:
15 Dec 2017 02:33 pm
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