
कस्बे के घाघरघाटी स्थित खदान पर रविवार दोपहर को डम्पर से कुचल कर ठेकेदार की मौत हो गई।
दौलतगढ़।
कस्बे के घाघरघाटी स्थित खदान पर रविवार दोपहर को डम्पर से कुचल कर ठेकेदार की मौत हो गई। परिजनों ने खदान मालिक और वाहन चालक पर रंजिश के चलते षड़यंत्र पूर्वक हत्या करवाने का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर हंगामा कर दिया। इससे माहौल गरमा गया। पांच घण्टे समझाइश के बाद रात में शव को आसींद स्थित मोर्चरी में रखया गया।
जानकारी के अनुसार कोटपूतली क्षत्र के ठोरड़ा गांव निवासी सुल्तानसिंह (55) ने दौलतगढ़ के निकट घाघरघाटी में खदान ठेके पर ले रखी है। रविवार को सुल्तान खदान के निकट खड़ा था। इस दौरान वहां काम कर रहे डम्पर की चपेट में आ गया। इससे कुचलकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। सूचना पर आसींद पुलिस भी वहां पहुंच गई। मृतक का भाई शीशराम भी वहां पहुंच गया। उसने आरोप लगाया कि सुल्तान ने ठेके पर खदान ले रखी थी। खदान मालिक से लाखों रुपए बकाया चल रहे थे। इसे लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते सुल्तान की षड़यंत्र पूर्वक हत्या करवा दी गई। ग्रामीणों और परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। माहौल बिगडऩे पर आसींद कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक वृद्धिचंद गुर्जर व आसींद थानाधिकारी राजकुमार नायक वहां पहुंचे।
समझाइश के प्रयास किए, लेकिन परिजन आरोपितों के खिलाफ हत्या में मामला दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी पर अड़ गए। मामले की जानकारी पर समाजसेवी तेजवीर सिंह, मनसुख गुर्जर वहां पहुंच गए। उचित कानूनी कार्रवाई के आश्वासन पर पांच घण्टे बाद शव को उठाने दिया गया। उसके बाद आसींद अस्पताल में शव रखवाया गया। देर रात तक थाने पर कोई रिपोर्ट नहीं दी गई थी।
Published on:
15 Apr 2018 08:55 pm
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