
सोमवार को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में जयपुर से आए विशेषज्ञों ने डेमो दिया। इस दौरान शहरभर के सर्जन्स ने रोबोटिक सर्जरी की बारीकियों को समझा।
भीलवाड़ा।
क्या एेसा संभव है कि कोई डॉक्टर आपको हाथ भी न लगाए और ऑपरेशन कर दे। एक बारगी तो हर कोई कहेगा कि यह संभव नहीं है। लेकिन रोबोटिक सर्जरी के जरिए अब यह मुमकिन हो गया है। राजस्थान में भी जयपुर में रोबोटिक सर्जरी की मशीन लग चुकी है। इस मशीन का सोमवार को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में जयपुर से आए विशेषज्ञों ने डेमो दिया। इस दौरान शहरभर के सर्जन्स ने रोबोटिक सर्जरी की बारीकियों को समझा। रोबोटिक मशीन की निर्माता कम्पनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि जयपुर के इंडस श्री राम हॉस्पीटल में यह मशीन स्थापित हो चुकी है। इसकी लागत 18 करोड़ आई है।
यहां डेमो के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक मशीन के माध्यम से सर्जन थ्रीडी तकनीक से सर्जरी वाले हिस्से को देख सकेंगे। वह मरीज से दूर कंसोल(कंट्रोल पैनल) पर बैठकर रोबोट से औजारों को मूव करा सकेंगे। इसमें डॉक्टर के हाथ स्थिर ना रहने या हिलने जैसी समस्या नहीं रहती, क्योकि कमाण्ड देने के बाद रोबोट का मूवमेंट बिल्कुल सटीक रहता है। इससे होने वाली सर्जरी में न के बराबर जटिलताएं रहती है। बहुत कम चीरे में बड़ी सर्जरी आसानी से संभव है। ऑपरेशन के बाद दर्द, ब्लड लोस या संक्रमण की संभावनाएं न्यूनतम रहेगी। इसमें 10 गुणा ज्यादा बड़ा देख पाने की क्षमता के चलते कैंसर की गांठ को पूरी तरह से निकालने में मदद मिलती है। इस आधुनिक तकनीक से रोबोट द्वारा मरीज पर किसी प्रकार की चीरफाड़ किए बिना केवल बेहद ही सूक्ष्म ३-४ एमएम छेद से सर्जरी की जाती है। एेसे छेद जो सर्जरी के बाद दिखाई भी नहीं देते है। इसमें व्यापक रूप से दिखते हैं।
इण्डस श्री राम हॉस्पीटल के डायरेक्टर डॉ. सुनील चाण्डक, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभा मयंक, डेविन्सी सर्जिकल सिस्टम कंपनी के प्रतिनिधि सत्यप्रकाश जायसवाल, मोहम्मद फुरकान, भैरव सिंह ने डेमो दिया। डेमो का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेसी जीनगर, प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. केसी पंवार ने किया। डेमो के लिए कंपनी ने एक विशेष सर्वसुविधायुक्त मोबाइल वाहन तैयार किया है, जिसमें अंदर ही बैठने की व्यवस्था है।
कई तरह के मरीजों को होगा लाभ
इस रोबोट तकनीक से जटिल प्रोसेजर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। इसमें मूत्र विभाग, सामान्य सर्जरी विभाग, ओंको सर्जरी विभाग, कान, नाक, गला के मरीजों को इसका विशेष लाभ मिलेगा।
इन्होंने देखा डेमो
एमजीएच परिसर में डेमो देखने के लिए पूर्व पीएमओ डॉ. केसी पंवार, डॉ. एचएस सहवाल, डॉ. सुनील उपमन्यु, डॉ. सुशीला राठी, डॉ. सूर्यप्रकाश, डॉ. विनोद जीनगर, डॉ. आरएस सोमाणी, डॉ. पकंज अग्रवाल, डॉ. अरविन्द बंसल, डॉ. वी के वैद्य, डॉ. दिनेश गुप्ता सहित दर्जनों चिकित्सकों ने डेमो देखकर प्रसन्नता जाहिर की। सभी चिकित्सक इस आधुनिक पद्धति को जानकर काफी प्रफुल्लित नजर आए। डेमो के दौरान निसंतानता एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभा मयंक ने मोटापे व निसंतानता से पीडि़त १५५ व्यक्तियों को निशुल्क परामर्श प्रदान किया।
Published on:
24 Apr 2018 11:19 am
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