
विशिष्ट न्यायालय ने दुष्कर्म और उसे आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में अभियुक्त को सात साल की सजा सुनाई
भीलवाड़ा।
विशिष्ट न्यायालय (महिला उत्पीडऩ मामलात) ने महिला के साथ दुष्कर्म और उसे आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को करेड़ा निवासी रज्जाक पठान को दोषी मानते सात साल के कारावास की सजा सुनाई। वहीं 15 हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।
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प्रकरण के अनुसार 18 फरवरी 2009 को एक व्यक्ति ने करेड़ा थाने में मामला दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसकी भाणजी से अभियुक्त रज्जाक ने दुष्कर्म किया। इस सम्बंध में थाने पर रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। महज शांतिभंग में पाबंद कर छोड़ दिया गया। इसके चलते युवती ने 28 फरवरी 2009 को खुद पर केरोसीन उडेल कर आग लगा ली। उसकी जलने से मौत हो गई थी। करेड़ा पुलिस ने बाद में दुष्कर्म के बाद आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में रज्जाक को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक सविता शर्मा ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया।
धोखेबाज को तीन साल की सजा
आसींद. आसींद न्यायिक मजिस्टे्रट ने धोखाधड़ी के मामले में दौलतगढ़ निवासी रतनलाल सोनी को दोषी मानते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।
प्रकरण के अनुसार दौलतगढ़ निवासी कालूराम रैगर ने आसींद थाने में मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया कि उसकी पत्नी नंदू व पुत्रवधू के चांदी के पुराने 930 ग्राम वजनी जेवरात रतनलाल को देकर नए बनवाने के लिए कहा। अभियुक्त रतनलाल चार साल तक इधर-उधर घुमाता रहा। हर बार टालमटोल जवाब देता रहा। उलाहना देने पर भी पुराने जेवरात नहीं लौटाए। ना ही जेवरात बनाकर दिए। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने रतनलाल को तीन साल की सजा सुनाई।
Published on:
04 Apr 2018 09:53 pm
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