21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुष्कर्म के बाद आत्मदाह के लिए उकसाया, सात साल की सजा, 15 हजार रुपए जुर्माना

विशिष्ट न्यायालय ने दुष्कर्म और उसे आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में अभियुक्‍त को सात साल की सजा सुनाई

2 min read
Google source verification
Bhilwara, bhilwara news, Sentenced to seven years for inciting self-immolation in bhilwara,Latest news in bhilwara, Bhilwara News in hindi, Hindi News in bhilwara, Latest hindi news in bhilwara

विशिष्ट न्यायालय ने दुष्कर्म और उसे आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में अभियुक्‍त को सात साल की सजा सुनाई

भीलवाड़ा।

विशिष्ट न्यायालय (महिला उत्पीडऩ मामलात) ने महिला के साथ दुष्कर्म और उसे आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को करेड़ा निवासी रज्जाक पठान को दोषी मानते सात साल के कारावास की सजा सुनाई। वहीं 15 हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।

READ: लग्जरी कार में तस्करी, दो जगह नकाबंदी तोड़ भागे तीन जनों को 30 किलोमीटर दूर जाकर दबोचा

प्रकरण के अनुसार 18 फरवरी 2009 को एक व्यक्ति ने करेड़ा थाने में मामला दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसकी भाणजी से अभियुक्त रज्जाक ने दुष्कर्म किया। इस सम्बंध में थाने पर रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। महज शांतिभंग में पाबंद कर छोड़ दिया गया। इसके चलते युवती ने 28 फरवरी 2009 को खुद पर केरोसीन उडेल कर आग लगा ली। उसकी जलने से मौत हो गई थी। करेड़ा पुलिस ने बाद में दुष्कर्म के बाद आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में रज्जाक को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक सविता शर्मा ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया।

READ: झोलाछाप से इलाज के बाद युवक की मौत, शव उठाने से इनकार, मोर्चरी के बाहर छह घण्टे प्रदर्शन

धोखेबाज को तीन साल की सजा

आसींद. आसींद न्यायिक मजिस्टे्रट ने धोखाधड़ी के मामले में दौलतगढ़ निवासी रतनलाल सोनी को दोषी मानते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।


प्रकरण के अनुसार दौलतगढ़ निवासी कालूराम रैगर ने आसींद थाने में मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया कि उसकी पत्नी नंदू व पुत्रवधू के चांदी के पुराने 930 ग्राम वजनी जेवरात रतनलाल को देकर नए बनवाने के लिए कहा। अभियुक्त रतनलाल चार साल तक इधर-उधर घुमाता रहा। हर बार टालमटोल जवाब देता रहा। उलाहना देने पर भी पुराने जेवरात नहीं लौटाए। ना ही जेवरात बनाकर दिए। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने रतनलाल को तीन साल की सजा सुनाई।