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स्टाफ की कमी, उप जिला अस्पताल खुले तो मिले मरीजों को फायदे

भीलवाड़ा. मांडलगढ़ कस्बे में अब उप जिला अस्पताल खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। यहां वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पूरी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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स्टाफ की कमी, उप जिला अस्पताल खुले तो मिले मरीजों को फायदे

स्टाफ की कमी, उप जिला अस्पताल खुले तो मिले मरीजों को फायदे

भीलवाड़ा. मांडलगढ़ कस्बे में अब उप जिला अस्पताल खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। यहां वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पूरी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को भीलवाड़ा, कोटा या अन्य शहरों के लिए रैफर करना पड़ रहा है। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे उप जिला अस्पताल बनाने के अभियान को अब राजनीतिक दलों से भी समर्थन मिलने लगा है। ऊपरमाल खनन क्षेत्र के व्यवसायी तथा खान मालिक भी अब यहां चिकित्सा सुविधा बढ़ाने की मांग करने लगे है।

अभी यह सुविधा
मांडलगढ़ ब्लॉक में 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एक डिस्पेंसरी है, लेकिन सुविधाओं की कमी है। मांडलगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 बेड की सुविधा है, जहां डॉक्टर के 10 पद स्वीकृत हैं। इनमें पांच कनिष्ठ विशेषज्ञ, चार चिकित्सा अधिकारी व एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर का पद है। एक डाॅक्टर का पद रिक्त है। फर्स्ट ग्रेड नर्स 6 में से चार कार्यरत है। सैकंड ग्रेड नर्स के 13 पद है। 4 पोस्ट लैब टेक्नीशियन की पोस्ट है लेकिन एक लैब टेक्नीशियन कार्यरत है। लैब टेक्नीशियन 2 संविदा पर। दो रेडियोग्राफर है। एक वार्ड लेडी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पोस्ट समाप्त कर दी गई है। ठेके पर सफाईकर्मी लगा रखे हैं। मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए स्वीपर का पद रिक्त है। इससे लोगों को परेशानी होती है।

यह है अस्पताल की स्थिति
सीएचसी से प्रतिदिन 3 से 4 मरीजों को जिला मुख्यालय या अन्यत्र रैफर किया जाता है। वर्ष में औसत 900 रोगियों को बाहर भेजे जाते हैं। ओपीडी में प्रतिमाह 6 हजार रोगी आते हैं। आईपीडी में 500 रोगी प्रतिमाह और वार्षिक औसत 5 हजार रोगी पहुंचते हैं। एक एक्सरे व सोनोग्राफी मशीन है जो काफी पुरानी हो चुकी है।

तो ये मिलेगी सुविधा
यदि बड़े राजनीतिक दल मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को उप जिला अस्पताल बनने की पहल करते है तो यहां काफी सुविधा मिल सकेगी। 24 घंटे डॉक्टर समेत अस्पताल खुला मिलेगा। रैफर की आवश्यकता नहीं होगी। यहां पर बैड की संख्या 100 होगी। डॉक्टरों की पोस्ट भी 25 हो जाएंगी।

सुविधाओं में विस्तार
उप जिला अस्पताल बनता है तो मरीजों को और सुविधा मिलेगी। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोपाल यादव ने बताया कि उप जिला अस्पताल बनने के बाद यहां पर वर्तमान में बेड संख्या 50 है, जो 100 हो जाएंगे। इसके अलावा डॉक्टर 10 हैं, जो 25 हो जाएंगे। नर्सिंग स्टाफ में भी बढ़ोत्तरी होगी। ओपीडी में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहेगा। ब्लड यूनिट खुलेगी। जिला मुख्यालय के समान सभी तरह की जांचें होगी। सभी मशीनें आधुनिक लगेगी। आईसीयू वार्ड बनेंगे। वार्डों का आधुनिकरण होगा। उपखंड से रैफर किए जाने वाले केस में 80 प्रतिशत तक कमी आएगी। नर्सिंग स्टाफ दोगुना होगा। चिकित्सा भवन का विस्तारीकरण होगा। ऑपरेशन थिएटर में सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। मरीजों के आवश्यकतानुसार अधिकांश ऑपरेशन हो सकेंगे।