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छह दशक पुराना भूपालगंज मंदिर जैन समाज की आस्था का केंद्र

भीलवाड़ा में भगवान महावीर का पहला मंदिर भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव मंगलवार को मनाया जाएगा

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Six-decade-old Bhupalganj temple is the center of faith for the Jain community.

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भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जैन मंदिरों में निर्वाण लाडू चढ़ाए जाएंगे। शहर में दो दर्जन से अधिक मंदिर हैं, किंतु भगवान महावीर के नाम से दिगंबर जैन समाज का प्रमुख मंदिर भूपालगंज में है, जो समाज की आस्था और इतिहास का केंद्र है।

भूपालगंज दिगंबर जैन मंदिर की स्थापना चैत्र शुक्ल 13, संवत 2013 (1957) को महावीर जयंती के अवसर पर की गई थी। उसी दिन समाज ने निर्णय किया कि मंदिर में भगवान महावीर के साथ अन्य तीर्थंकरों की प्रतिमाएं भी विराजित की जाएंगी। मंदिर निर्माण का कार्य संवत 2014 में आचार्य विमलसागर के निर्देशन में शुरू हुआ और संवत 2019 (1962) में पूर्ण हुआ।

मंदिर की वेदी में वैशाख सुदी 11, संवत 2019 को भगवान महावीर की लगभग साढ़े चार फीट ऊंची प्रतिमा विराजित की गई, साथ ही भगवान आदिनाथ और चन्द्रप्रभु की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित की गईं। इसके पश्चात यहां आचार्य विद्यासागर, जयसागर, नेमिसागर, विवेकसागर, सन्मति सागर विमलसागर ने प्रवास किया। मंदिर निर्माण में समाज के साथ-साथ हीरालाल, भागचंद, गौरीलाल अजमेरा, तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष चेनसुख अजमेरा और ज्ञानमल कोठारी का विशेष योगदान रहा।

यह मंदिर करीब 60 वर्ष पुराना है। प्रारंभ में मंदिर का स्थान स्वर्गीय कस्तूरचंद छीतरमल अजमेरा के निजी मकान में था। प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा से पूर्व चित्रकूट धाम में पंचकल्याणक महोत्सव हुआ। प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर शहर में शोभायात्रा निकाली गई। इस पर हेलीकॉप्टर से पुष्प और रत्नों की वर्षा की थी। निर्वाण महोत्सव पर मंगलवार को मंदिर में विशेष पूजा और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन होगा। समाज के हजारों श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन और निर्वाण लाडू अर्पित करने यहां पहुंचेंगे।