
Sixth day of Paryushan festival: Wishing for world peace by burning incense in temples
दिगंबर जैन समाज ने मंगलवार को सुगंध दशमी का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। भाद्रपद शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला यह पर्व पर्युषण पर्व का छठा दिन होता है। इसे धूप दशमी या धूप खेवन पर्व भी कहा जाता है। जैन मान्यताओं के अनुसार यह पर्व अशुभ कर्मों के नाश और पुण्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। दोपहर बाद शहर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में धूप अर्पित की। मंदिरों से जुलूस निकाले गए जिनमें समाज के पुरुष, महिलाएं, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल हुए। पुरुष सफेद वस्त्रों में सुसज्जित थे। महिलाएं विशेष चुनरी परिधान में नजर आईं। वाहनों पर सवार श्रद्धालुओं ने धूप खेकर पुण्य अर्जित किया। दोपहर में सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने धूप खेकर विश्व शांति और समाज की समृद्धि की प्रार्थना की। वातावरण धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर रहा।
पुण्यबंध का निर्माण होता
इस अवसर पर मुनि अनुपम सागर महाराज ने कहा कि जैन मान्यताओं में सुगंध दशमी का विशेष महत्व है। इसे विधिपूर्वक करने से अशुभ कर्मों का क्षय होता है और पुण्यबंध का निर्माण होता है। यह मोक्ष मार्ग की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधना है।आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर आरके कॉलोनी में विशेष आयोजन हुआ। अजय निखिल पंचोली ने 108 रिद्धि मंत्रों से अभिषेक के साथ स्वर्ण झारी से शांतिधारा की। अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि ज्ञानचंद विकास पाटनी, निर्मल पवन लुहाड़िया, सुरेश लोकेश कासलीवाल, महावीर काला, सनत अजमेरा, अजय बाकलीवाल, श्रवण कोठारी, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजकुमार अजमेरा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भी अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।
Published on:
03 Sept 2025 09:44 am
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