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स्कूलों में मिशन मधुहारी: डायबिटीज पीड़ित बच्चों के लिए बनेंगे मधुहारी कॉर्नर, साथ देगा मधुहारी मित्र

शाला दर्पण पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक जिले से सर्वाधिक नामांकन वाले 5-5 पीएमश्री विद्यालयों को पायलट के रूप में चुना

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Mission Madhuhari in schools: Madhuhari corners to be set up for children suffering from diabetes, Madhuhari Mitra to support them

स्कूलों में मिशन मधुहारी: डायबिटीज पीड़ित बच्चों के लिए बनेंगे मधुहारी कॉर्नर, साथ देगा मधुहारी मित्र

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब टाइप-1 डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित बच्चों को अपनी बीमारी के कारण पढ़ाई में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बच्चों को एक सुरक्षित और सहायक शैक्षणिक वातावरण देने के लिए चिकित्सा और स्कूल शिक्षा विभाग ने एक अनूठी संयुक्त पहल की है। प्रदेश के स्कूलों में मिशन मधुहारी लागू किया जा रहा है। इसके तहत चयनित विद्यालयों में मधुहारी कॉर्नर स्थापित किए जा रहे हैं। इन कॉर्नर्स पर बच्चे बिना किसी संकोच के अपनी शुगर की जांच कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर इंसुलिन ले सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों को इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया भेजकर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

हर जिले के 5 पीएमश्री स्कूलों से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

चिकित्सा विभाग की इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने शाला दर्पण पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक जिले से सर्वाधिक नामांकन वाले 5-5 पीएमश्री विद्यालयों को पायलट के रूप में चुना है। इसकी निगरानी के लिए डॉ. रामगोपाल शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

क्या है मधुहारी कॉर्नर और मधुहारी मित्र

मिशन को प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों में दो महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मधुहारी कॉर्नर के रूप में स्कूल में कम से कम 100 वर्ग फीट का कमरा तैयार किया जाएगा। यहां डायबिटीज से पीड़ित बच्चे बिना किसी झिझक के इंसुलिन ले सकेंगे, किसी भी समय ग्लूकोज की जांच कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अपना भोजन या स्नैक्स खा सकेंगे। मधुहारी मित्र इस मिशन की सबसे खास कड़ी है। पीड़ित बच्चे की देखभाल के लिए उसके किसी सहपाठी को मधुहारी मित्र बनाया जाएगा। यह मित्र स्कूल समय में बच्चे के आस-पास रहेगा और बीमारी से जुड़े किसी भी तरह के खतरे या लक्षण दिखने पर तुरंत शिक्षक को सूचित करेगा।

मिशन मधुहारी की प्रमुख बातें

डॉक्टर से सीधा लिंक: प्रत्येक बच्चे को नजदीकी जिला अस्पताल के मधुहारी क्लीनिक के डॉक्टर से सीधे जोड़ा जाएगा। माता-पिता, स्कूल प्रिंसिपल और पीटीआई को मिलाकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा ताकि संवाद हो सके। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में बच्चे को तुरंत ग्लूकोज दिया जाएगा। स्कूल को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चा मधुहारी क्लीनिक में अपनी मासिक जांच के लिए जा रहा है या नहीं। स्कूल के प्रवेश द्वार पर मिशन मधुहारी का बैनर लगाया जाएगा।