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शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता: पाबंदी के बावजूद पूल मद से निकाली राशि, 20 स्कूलों के संस्था प्रधानों को नोटिस

निदेशालय के आदेशों की उड़ी धज्जियां, 3 मई तक मांगा स्पष्टीकरण, कार्रवाई की लटकी तलवार, स्कूलों में 221 रुपए से लेकर 23 हजार रुपए से अधिक तक का किया गबन

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Financial irregularities in the Education Department: Despite restrictions, funds were withdrawn from the pool head, notices were issued to the heads of 20 schools.

शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता: पाबंदी के बावजूद पूल मद से निकाली राशि, 20 स्कूलों के संस्था प्रधानों को नोटिस

भीलवाड़ा जिले के शिक्षा विभाग में एक बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिले के कई स्कूलों के संस्था प्रधानों ने बिना स्वीकृति के पूल मद से हजारों रुपए की राशि आहरित कर ली। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीईओ राजेन्द्र कुमार गग्गड ने बुधवार को जिले के 20 स्कूलों के संस्था प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं।

क्या है मामला

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 10 अप्रेल को एक आदेश जारी किया था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लेखामदों के विस्तृत मद-19 विद्युत प्रभार एवं जल व्यय में राशि केवल निदेशालय, संयुक्त निदेशक स्तर के कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए ही स्वीकृत है। निदेशालय ने सख्त हिदायत दी थी कि इन मदों से प्रधानाचार्य या पीईईओ या यूसीईईओ की ओर से किसी भी प्रकार की राशि का आहरण नहीं किया जाए।

आदेशों की अवहेलना, वित्तीय अनियमितता

कई संस्था प्रधानों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिना किसी स्वीकृति या अधिकृति के ही पूल मद से राशि निकाल ली। शिक्षा विभाग ने इसे स्पष्टत वित्तीय अनियमितता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की गंभीर अवहेलना माना है। विभाग की पकड़ में आया है कि आहरित की गई राशि अलग-अलग स्कूलों में 221 रुपए से लेकर 23 हजार रुपए से अधिक तक है।

3 मई तक देना होगा स्पष्टीकरण

गग्गड ने 20 संस्था प्रधानों को नोटिस जारी कर निर्देश देकर संस्था प्रधानों को अपना स्पष्टीकरण 3 मई तक सीबीईओ के माध्यम से लिखित में प्रस्तुत करना होगा। यदि जवाब तय समय पर प्राप्त नहीं होता है या असंतोषजनक पाया जाता है, तो संस्था प्रधान के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव सीधे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर को प्रेषित कर दिए जाएंगे।

इन प्रमुख स्कूलों के संस्था प्रधान राडार पर

जिन विद्यालयों के संस्था प्रधानों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें प्रमुख रूप से राउमावि रामपुरा (आसींद) ने सर्वाधिक 23,132 रुपए आहरित किए। राउमावि चतरपुरा ने 14,270 रुपए। एमजीजीएस विद्यालय मोटरास ने 13,963 रुपए। राउमावि बदनोर ने 11,298 रुपए। एमजीजीएसहुरड़ा ने 11,278 रुपए का आहरण किया है। इसके अलावा राउमावि चैनपुरा, पालड़ी, ओझियाणा, मोगर , पारा, एमजीजीएस बदनोर, भोजपुरा, आगूंचा, बाजून्दा, करमा का बाड़िया, खेड़ेला, सापोला, दाड़ावत, सुराज और गिरधरपुरा के संस्था प्रधानों को भी वित्तीय अनियमितता के इस मामले में नोटिस थमाए हैं।