
जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज के सान्निध्य में जहाजपुरआध्यात्मिक सत्संग सोमवार को हुआ।
जहाजपुर।
बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी तथा जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज के सान्निध्य में नववर्ष के उपलक्ष्य में यहां आध्यात्मिक सत्संग सोमवार को हुआ। इसमें संत पंकज ने कहा कि मनुष्य सांसारिक बंधनों में बंधकर संसार रूपी समुद्र में गोते लगा रहा है। जीवनभर रुपए पैसे के पीछे भागता रहता है, मानों जन्मों जन्मों तक जीवित रहेगा,मृत्यु उपरान्त वही भाई, बहन, संगे नाते रिश्तेदार श्मसान में जलाने के बाद लकड़ी तोडकर सारे रिश्तेनाते तोड आते हैं। इसलिए समय रहते प्रभु से मिलने व मनुष्य शरीर की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करो।
पंकज महाराज ने शाकाहारी अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि ईश्वर के घर से मनुष्य खाली हाथ आता है और जाता है ईश्वर द्वारा प्रदान कि गई सोचने समझने की शक्ति से ही जाति पाति के धर्म से बंधकर ये तेरा ये मेरा में ही सारा जीवन यूं ही गुजार देता है, इसलिए जाति पाति से उपर उठकर कुछ समय अल्लाह ईश्वर के लिए निकालना चाहिए।
ड्रॉन से पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
संत पंकज जैसे ही हैलीकॉप्टर से जहाजपुर की सरजमीं पर उतरे ड्रान से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। धर्मसभा में दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रवचन सुनने पहुंचे। कार्यक्रम में विधायक धीरज गुर्जर, प्रधान शिवजीराम मीणा, भीमराव अम्बेडकर मंच के तहसील अध्यक्ष गोपीचन्द मीणा, शिवजीराम मीणा, रामप्रसाद टांक, रामकुवांर मीणा, पूर्व मंत्री रतनलाल ताम्बी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि जयगुरुदेव के 18 मई, 2012 को महाप्रयाण के बाद अभियान को उत्तराधिकारी पंकज महाराज बढ़ा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि सभी लोग गृहस्थ आश्रम में रहकर, अपने उत्तरदायित्व निभाते हुए प्रभु को याद करें। बाबा जयगुरुदेव वर्ष 2005 व 2010 में जहाजपुर आए थे।
Published on:
01 Jan 2018 09:35 pm
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