
Sweets are found on the streets of the city in bhilwara
सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
शहर में मिठाई, नमकीन से लेकर सूखे मेवे के कई बड़े व्यापारी है, लेकिन अब तक चिकित्सा व खाद्य सुरक्षा जांच दल ने इनमें से किसी के यहां जांच नहीं की। दीपावली को देखते हुए सड़क किनारे बड़ी संख्या में मिठाई व्यवसायी टेंट लगाकर अपना व्यापार कर रहे है इनके पास फूड लाइसेंस तक नहीं है। गुणवत्ता में भी कमी है, लेकिन धड़ल्ले से ये मिठाई बिक रही है।
इसलिए जांच जरूरी
दीपावली नजदीक आ गई है। एेसे में बड़े मिष्ठान भंडारोंं पर मिठाई और नमकीन तैयार करने के लिए जरूरी खाद्य सामग्री भंडारण शुरू कर दिया है। एेसे में यदि समय पर जांच होती है, तो इसकी गुणवत्ता की स्थिति सामने आ जाएगी। लोगों ने भी सूखे मेवे लेने शुरू कर दिए हैं। कई प्रकार की नमकीन व खाद्य वस्तुओं की भी खरीदारी शुरू हो गई है। शहर में करीब ढाई दर्जन की बड़ी मिठाई की दुकानें है, जबकि छोटी दुकानें अनगिनत है। एेसे मेंं यदि जांच लेने से लेकर नमूनों में तेजी नहीं लाई गई तो पता ही नहीं चलेगा कि कहां क्या हो रहा है। शहर में सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में सीजनल मरके के दुकानें खुली हुई है। इनमें मरके खुले में ही रखे जा रहे है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
फौरी कार्रवाई
फिलहाल संयुक्त अभियान के तहत जिस कछुआ चाल से दल दुकानों की जांच कर रहा है, उससे तो लगता है कि केवल खानापूर्ति ही की जा रही है। अब तक ना तो मिलावटी या नकली मावे की कोई खेप पकड़ी है और ना ही अभी तक प्राइवेट व सरकारी बसों में जांच शुरू की गई है।
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सूचना मिलने पर तुरन्त कार्रवाई कर रहे है। टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। बाहर से आने वाले मावे की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा
सभी की करेंगे जांच
सभी प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अभी मिठाइयां बनना शुरू हुई है। बडे़ व्यापारियों से भी नमूने लिए गए हैं।
देवेन्द्र सिंह राणावत, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
Published on:
09 Nov 2020 08:27 am
