
निर्धन बच्चों को मुफ्त में पढ़ा रहे हैं सरकारी अध्यापक हंसराज शर्मा
हनुमाननगर।
दिल में भावना यहीं है कि कोई बच्चा पैसे के अभाव में अच्छी शिक्षा से वंचित नहीं रहे। अभावग्रस्त बच्चे भी सम्मानित नागरिक के रूप में समाज मेें सर उठाकर जी सके। इन्हीं विचारों को लेकर विवेकानंद कॉलोनी निवासी सरकारी अध्यापक हंसराज शर्मा स्कूल समय बाद गाडिय़ा लुहारों के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाते हैं।
पण्डेर निवासी हंसराज बूंदी जिले के राकड़ का झूपड़ा प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने बताया, वे जब भी गाडिय़ा लुहारों के बच्चों को प्लास्टिक की थैलियां व अन्य सामान बीनते देखते तो पीड़ा होती थी।
इन बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने का निश्चय कर अभिभावकों से बात की तो मना कर दिया लेकिन शिक्षा का महत्व समझाने पर मान गए। हंसराज ने 15 अगस्त 2015 को शाम 7 से रात 9 बजे तक क्षेत्र के दशहरा मैदान परिसर में खुले आकाश के नीचे बोर्ड लगा इन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। बच्चों को नि:शुुल्क पाठ्य सामग्री भी दी।
शुरू में बच्चों को पढ़ाने के लिए हंसराज को काफी दिक्कत आई। बच्चों की अलग भाषा होने से संवाद में कठिनाई आई। मौसमी, रिन्कू, पूजा लुहार समेत कई बच्चों ने बताया कि उन्हें हंसराज सर से पढऩा अच्छा लगता है। वे अब हिन्दी व अंग्रेजी शब्द पढ़ लेते हैं।
विभिन्न गतिविधियों पर भी जोर
हंसराज पढ़ाई के साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी कराते हैं। अपने स्तर पर खेलकूद कराते हैं। विजयी बच्चों को पुरस्कार देते हैं। हाल में हंसराज ने दशहरा मैदान में गणेश महोत्सव में इन बच्चों से सांस्कृतिक प्रस्तुति दिलाई।
दे रहे संस्कार भी
हंसराज का जोर बच्चों को संस्कारित शिक्षा पर भी है। प्रार्थना व गायत्री मंत्र पाठ भी कराते हैं। इसके चलते बच्चे शुद्ध उच्चारण कर मंत्रों का पाठ करते है। हंसराज बच्चों में बड़ों से सम्मान से बात करने, अभिवादन भी सीखा रहे हैं।
बच्चों का बढ़ा है आत्मविश्वास
पढ़ाई के साथ बच्चे आत्मविश्वास से लबरेज हैं। बच्चों को लिखना-पढऩा बखूबी आ गया। यदि एक भी बच्चा सरकारी सेवा में आ गया तो मैं अपनी मेहनत को सफल मानूंगा।
हंसराज शर्मा, अध्यापक
Updated on:
05 Sept 2017 01:58 pm
Published on:
05 Sept 2017 01:52 pm
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