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राजस्थान के हाथ से फिसला टेक्सटाइल पार्क

जमीन नहीं होने के कारण जोधपुर की दावेदारी खत्म, भीलवाड़ा का प्रस्ताव राज्य सरकार ने नहीं भेजा

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राजस्थान के हाथ से फिसला टेक्सटाइल पार्क

राजस्थान के हाथ से फिसला टेक्सटाइल पार्क

भीलवाड़ा. आखिर राजस्थान के हाथ से टेक्सटाइल पार्क फिसल गया। केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को देश में सात टेक्सटाइल पार्क की घोषणा की। इस सूची में जोधपुर का नाम नहीं था। पार्क के लिए भीलवाड़ा का दावा मजबूत था लेकिन राज्य सरकार ने इसका प्रस्ताव ही केंद्र को नहीं भेजा। राज्य सरकार ने जोधपुर को टेक्सटाइल पार्क देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा लेकिन जमीन को लेकर िस्थति साफ नहीं होने से यह जोधपुर को भी नहीं मिला। पार्क के लिए 13 राज्यों से 18 प्रस्ताव केंद्र को मिले थे।


मेवाड़ चैम्बर के महासचिव आरके जैन का कहना था, देश में जिन सात जगह टेक्सटाइल पार्क की घोषणा की गई है, उनमें कुछ से भीलवाड़ा काफी मजबूत स्थिति में था लेकिन राज्य सरकार ने जोधपुर का प्रस्ताव भेजा था, जो नियमों के चलते बाहर हो गया। हालांकि 23 फरवरी को भीलवाड़ा आए केंद्रीय वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव नहीं भेजा। टेक्सटाइल पार्क योजना में दोबारा प्रस्ताव मांगने का प्रावधान नहीं है। देश से मिले प्रस्ताव ग्रेडिंग के आधार पर चयनित होंगे।

केंद्र सरकार ने गुजरात के नवसारी, तमिलनाडु में विरुधुनगर, तेलंगाना में वारंगल, कर्नाटक में कलबुर्गी, महाराष्ट्र के अमरावती, मध्यप्रदेश के धार और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मित्र पार्क के प्रस्ताव मंजूर किए। कुल 4,445 करोड़ की योजना में एसपीवी बनने के साथ ही केन्द्र सरकार हर पार्क के लिए 500 करोड़ रुपए देगी। टेक्सटाइल उद्योग को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने मेगा इंटीग्रेटिड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पीएम मित्र पार्क योजना लेकर आई थी।
25 हजार करोड़ का टर्नओवर
भीलवाड़ा में टेक्सटाइल उद्योग का 25 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर है। यहां से 70 से अधिक देशों को सूती, पीवी धागा, सुटिंग व डेनिम का निर्यात होता है। 12.25 लाख स्पिंडल भीलवाड़ा में लगे है। इसमें 4.50 लाख टन यार्न का उत्पादन होता है। इसे देखते भीलवाड़ा का पार्क पर दावा मजबूत था।