
The fair of leaders demanding the ticket in bhilwara
जसराज ओझा. भीलवाड़ा।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कारोई कस्बे के बस स्टैंड पर कई लग्जरी गाडिय़ां खड़ी है, जिनमे राजस्थान ही नहीं कई एमपी नंबर की भी हैं। कई सफेद कुर्ता पायजामाधारी यहां घरों के बाहर बैठे हैं। पास ही होटल पर चाय बना रहे सीताराम से पूछा तो बताया कि साहब, विधानसभा चुनाव आ गए है।
नेता यहां पूछने आ रहे हैं कि उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं। आगे बढ़े तो देखा कि हर घर के बाहर ज्योतिष केंद्र का बोर्ड लगा हुआ है। किसी ने भृगु संहिता तो किसी ने हस्तरेखा विशेषज्ञ के नाम से बोर्ड लगाकर भविष्य बताने का दावा कर रखा है। छोटे से गांव में इतनी भीड़ देखकर हम चौंके जरूर लेकिन जैसे-जैसे आगे बढ़े तो पता चला कि ज्योतिषनगरी कारोई में पिछले एक माह से नेताओं का मेला लगा हुआ है। गांव में आए शंकरलाल चौधरी ने बताया कि चुनाव पास में हैं। कई उम्मीदवार राजनीतिक दलों से पहले यहां भी पूछने आ रहे हैं कि उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं। यदि टिकट मिल गया तो चुनाव जीतेंगे या नहीं।
ज्योतिषियों के घरों के बाहर देखा तो कई लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। हम सबसे पहले पहुंचे प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित नाथूलाल व्यास के यहां। बुजुर्ग हैं। अब तक कई मंत्रियों व विधायकों को भृगु संहिता से उनका राजनीतिक भविष्य बता चुके हैं। व्यास बोले, चुनाव का टाइम है। खूब नेता आ रहे हैं। जिसका राजयोग है तो उन्हें बता रहे हैं कि चुनाव लड़ लो। जिनका नहीं है, उन्हें बोल रहे हैं कि समय बर्बाद मत करो। दूसरे काम में लग जाओ। पंडित व्यास से पूछा कि आप अब तक किन-किन का भविष्य बता चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल रहते हुए प्रतिभा पाटिल आई थी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए स्मृति ईरानी आई थी। अमरसिंह, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहन और मध्यप्रदेश में मंत्री यशोधरा राजे सहित कई मंत्री व विधायक यहां आ चुके हैं।
पंडित भैरूलाल व्यास ने कहा कि कारोई में कई ज्योतिषी है। भविष्यवाणी सच होने के कारण इस गांव में लोगों का विश्वास है। पंडित उदयलाल व्यास ने कहा कि इन दिनों मध्यप्रदेश व राजस्थान के कई विधायक व मंत्री अपना राजनीतिक भविष्य जानने के लिए पहुंच रहे हैं। पंडित गोपाललाल उपाध्याय ने कहा कि भृग संहिता में सच्चाई आती है इस कारण सभी लोग विश्वास करते हैं।
पंडितों से बातचीत करने के बाद हम बस स्टैंड पर वापस आए तो देखा कि छोटे से कस्बे में अपने भविष्य को जानने वालों की इतनी भीड़ जुटती है कि कारोई की पहचान ही अब ज्योतिष के नगरी में बदल गई। ज्योतिष नगरी कारोई में देश का शायद ही कोई कोना हो जहां से भविष्य जानने लोग यहां नहीं आते हों। आम आदमी अपने आज और कल की अनिश्चितताओं से डरकर यहां आता है। वहीं सुख सम्पदा का भरपूर उपयोग करने वाले अपने पद, प्रतिष्ठा के भविष्य की आशंकाओं से बचने के लिए आते हैं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए सबसे ज्यादा अब नेताओं को भी पंडित याद आ रहे हैं। इनमें मंत्री से लेकर विधायक तक शामिल हैं।
यहां आने वाले नेताओं के अधिकतर सवाल राजनीतिक होते हैं। हमारी पार्टी की सरकार बनेगी या नहीं। हमें टिकट मिलने में कोई अड़चन तो नहीं है। चुनाव जीत जाएंगे ना। हमारा आगे भविष्य कैसा है। कमोबेश ऐसी ही जिज्ञासा लेकर नेता आते हैं। कांग्रेस-भाजपा से टिकट की उम्मीद रखने वाले कई नेता भी इन दिनों कारोई के दौरे कर रहे हैं।
गत 40 वर्ष से चल रहे हैं ज्योतिष केंद्र
कारोई कस्बे में पिछले 40 वर्ष से ज्योतिष केंद्र चल रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सर्वप्रथम पंडित नाथूलाल व्यास गंगापुर अपने गुरुजी के यहां भृगु संहिता सीखने जाते थे। वहां सीखने के बाद खुद भी देखने जाते थे। फिर घर में ही एक कमरे में भाग्य देखना शुरू किया।
अभी इनके परिवार के छह सदस्य और है जो भृगु संहिता के आधार पर ही भविष्य बताते हैं। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि दूसरे पंडित भी कोई हस्तरेखा से तो कोई जन्मकुंडली से। सब भविष्य देखने लगे। बाहर से खूब लोग आने से यहां ज्योतिष केंद्र अच्छे चलने लगे हैं।
Updated on:
22 Oct 2018 04:03 pm
Published on:
22 Oct 2018 03:50 pm
