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लौकिक सुख के लिए नहीं बल्कि मोक्ष प्राप्ति का पर्व पर्युषण

दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व

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The festival of salvation, not for cosmic pleasures in bhilwara

The festival of salvation, not for cosmic pleasures in bhilwara

भीलवाड़ा।
दिगंबर जैन समाज जनों के दस लक्षण पर्युषण पर्व रविवार से प्रारंभ होंगे। जिसके तहत दस दिनों तक क्रमवार उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन, उत्तम ब्रह्मचर्य के रूप में मनाया जाएगा। जिसके तहत शहर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में सुबह केवल अभिषेक व शान्तिधारा होगी। कोरोना के चलते किसी भी मंदिर में पूजा अर्चना नहीं होगी। केवल दर्शन के लिए कुछ समय के मंदिर खोले जाएंगे।
आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि यह पर्व खुशी का न होकर आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान है। इसे लौकिक सुख के लिए नहीं बल्कि मोक्ष प्राप्ति की कामना से किया जाता है। इसमें जैन समाज के लोग मंदिर में सुबह अभिषेक, शांतिधारा पूजन एवं विधान आदि धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर में दो व्यक्ति अभिषेक करने के लिए आएंगे। इन दस दिनों में कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। घरों पर ही पूजा होगी। इन दस दिनों में समाज के लोग संयम का पालन कर उपवास व व्रत करते हैं। पर्व में 10 धर्मों का विशेष रूप से पालन किया जाता है।