
The resonance of the seed mantra will awaken inner power.
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार और मानसिक शांति के लिए अनूठा आयोजन होने जा रहा है। मुनि आदित्य सागर की प्रेरणा से 21 से 23 दिसंबर तक 'बीजाक्षर आधारित मंत्राक्ष ध्यान शिविर' का आयोजन किया जाएगा। आरसी व्यास कॉलोनी के गेट संख्या 33 स्थित स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले इस तीन-दिवसीय शिविर में शहरवासी एकाग्रता और ऊर्जा जागरण के गुर सीखेंगे।
शिविर के सफल आयोजन के लिए स्कूल मैदान में एक भव्य डोम तैयार किया गया है, जिसमें 1200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है। अनुशासन बनाए रखने के लिए जमीन पर विशेष बॉक्स बनाए गए हैं, ताकि सभी प्रतिभागी कतारबद्ध होकर बैठ सकें। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां 6 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इनमें से चार पांडाल के भीतर और दो बाहर रहेंगी। बुजुर्गों और जमीन पर बैठने में असमर्थ लोगों के लिए कुर्सियों की पृथक व्यवस्था की गई है।
अब तक 1100 से अधिक लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को निशुल्क सफेद टी-शर्ट वितरित की गई है। शिविर के तीनों दिन सभी साधक इसी ड्रेस कोड में नजर आएंगे। प्रवेश 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा।
मुनि आदित्य सागर ने मंगलवार शाम आरके कॉलोनी मंदिर से विहार कर शिविर स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। मुनिश्री का रात्रि विश्राम स्कूल मैदान के समीप ही 5 एल 15 नेमीचंद मनीष बडजात्या के निवास पर रहेगा। 21 व 22 जनवरी को शाम के समय होने वाले कार्यक्रम श्रुत समाधान व आरती शिविर स्थल पर होगी। जबकि सुबह के प्रवचन तरणताल परिसर में ही होंगे।
यह बीजाक्षरों (मंत्रों के मूल शब्द) की ध्वनि और कंपन पर आधारित एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य ध्वनि तरंगों के माध्यम से तनाव मुक्ति, आत्म-शक्ति का जागरण और आंतरिक शुद्धि करना है। आधुनिक जीवनशैली में मानसिक शांति के लिए इसे बेहद प्रभावी माना जाता है।
Published on:
21 Jan 2026 09:21 am
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