19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘खुद की इच्छाओं से लड़कर ही जीती जा सकती है नशे के खिलाफ जंग’

युवा पीढ़ी अगर ठान ले तो समाज से नशे जैसी बुराई को जड़ से उखाड़ा जा सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत ‘स्वयं’ से करनी होगी। स्वस्थ नागरिक बनकर ही हम राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। यह आह्वान एमएलवी कॉलेज में आयोजित ‘नई किरण’ नशा मुक्ति अभियान के दौरान प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद […]

less than 1 minute read
Google source verification
"The war against addiction can only be won by fighting one's own desires."

"The war against addiction can only be won by fighting one's own desires."

  • नई किरण: एमएलवी कॉलेज में युवाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ
  • कोटपा एक्ट और स्वास्थ्य पर हुआ मंथन

युवा पीढ़ी अगर ठान ले तो समाज से नशे जैसी बुराई को जड़ से उखाड़ा जा सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत 'स्वयं' से करनी होगी। स्वस्थ नागरिक बनकर ही हम राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। यह आह्वान एमएलवी कॉलेज में आयोजित 'नई किरण' नशा मुक्ति अभियान के दौरान प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद ने किया।

कॉलेज में आयोजित जागरुकता व्याख्यान और प्रतियोगिता में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सुमित श्रीमाली ने नशे के बदलते स्वरूप और उससे होने वाली जानलेवा बीमारियों का खाका खींचा। उन्होंने युवाओं को 'कोटपा' कानून की बारीकियां समझाते हुए बताया कि सरकार इस दिशा में कड़े प्रयास कर रही है, लेकिन असली बदलाव जागरूकता से ही आएगा।

मन पर नियंत्रण ही सबसे बड़ी ताकत

प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी लड़ाई है जो बाहर से नहीं, बल्कि खुद के भीतर लड़ी जाती है। अपनी इच्छाओं और मन पर नियंत्रण रखकर ही इस दलदल से बचा जा सकता है। अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कलम और कला के जरिए नशे के खिलाफ हुंकार भरी। विजेताओं को प्राचार्य व अतिथियों ने पारितोषिक देकर सम्मानित किया। इनमें नारा व स्लोगन लेखन में धर्मी कुमावत प्रथम, निबंध लेखन में युवराज सिंह राठौड़ प्रथम, मनीष गवारिया, युवराज खटीक, युगांशी पालीवाल, नेहा सोनी एवं वर्षा पुरोहित ने अन्य प्रतियोगिता में बाजी मारी।