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आरबीआई के आदेशों की कोई पालना नहीं, लोग हुए परेशान

आरबीआई का आदेश-बिन दस्तावेज बदले 2000 के नोट, बैंकों ने मांगे पहचान पत्रपहले दिन नहीं लगी कतारें, रिजर्व बैंक ने मांगा ब्योरा

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आरबीआई के आदेशों की कोई पालना नहीं, लोग हुए परेशान

आरबीआई के आदेशों की कोई पालना नहीं, लोग हुए परेशान

भीलवाड़ा. दो हजार रुपए के नोट बदलने के प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हुई लेकिन नियम कायदे को लेकर ऊहापोह रही। भीलवाड़ा शहर में कई प्रमुख बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइडलाइन की अनदेखी की और खुद के नियम बनाए। आरबीआई ने निर्देश दिया था कि नोट बदलने के लिए किसी से पहचान के दस्तावेज न लें लेकिन कई बैंकों ने पहचान पत्र के साथ नाम व मोबाइल नंबर भी लिए। कुछ बैंकों ने राशि जमा की पर्ची ग्राहकों से ली तो कुछ ने नोटबंदी के दौरान लिए दस्तावेज के आधार पर काम किया।


हालांकि पहले दिन नोट बदलवाने वालों की संख्या कम थी। किसी भी बैंक में इसके लिए कतारें नहीं देखी गई। मंगलवार को बैंक के पास जमा होने वाले नोटों में 2 हजार के नोट रोजाना से अधिक आए। इसके चलते बैंकों के पास 500 रुपए के नोट कम आए।

राजस्थान पत्रिका की टीम नोट जमा कराने को लेकर बसंत बिहार स्थित बैंक गई तो एक-दो लोग ही राशि जमा कराते मिले। यहां किसी से भी दस्तावेज नहीं लिए जा रहे थे। सेवासदन मार्ग स्थित बैंक में लोग 2-2 हजार के नोट लिए खड़े थे। शांति भवन के पास स्थित बैंक में भी यहीं हालात थे। सुबह की सब्जी मंडी स्थित एक बैंक में कुछ लोग नजर आए। नागौरी गार्डन स्थित बडौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक में एक भी व्यक्ति नोट बदलवाने को नहीं पहुंचा। हालांकि यहां खाते में 2-2 हजार की राशि जमा कराने से 500-500 के नोट कम आए।
आरबीआई ने मांगी सूचना

आरबीआई ने बैंकों से मंगलवार को जमा राशि के साथ प्रफोर्मा में जानकारी मांगी। इसमें बैंक का नाम, दिनांक, ग्राहकों ने खाते में 2-2 हजार की कितनी राशि जमा कराई। कितने नोट बदले की जानकारी मांगी।बैंक अधिकारी देर शाम तक सूचना एकत्र करते रहे।