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भीलवाड़ा में न कपड़े की कमी न दर्जी की, टेक्सटाइलसिटी में कपड़े सिलाई का क्रेज

रेडिमेड के दौर में दर्जी के पास नहीं है फुर्सतबाडमेर व जैसलमेर तक से काम के लिए यहां आ रहेभीलवाड़ा शहर में एक हजार से अधिक दुकानें

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भीलवाड़ा में न कपड़े की कमी न दर्जी की, टेक्सटाइलसिटी में कपड़े सिलाई का क्रेज

भीलवाड़ा में न कपड़े की कमी न दर्जी की, टेक्सटाइलसिटी में कपड़े सिलाई का क्रेज

सुरेश जैन
भीलवाड़ा. राजस्थान में संभवतया भीलवाड़ा ऐसा शहर होगा, जहां रेडीमेड के बढ़ते चलन के बावजूद टेलरिंग का कारोबार फल-फूल रहा है। यहां न टेलर की कमी और न ही कपड़े की। काम इतना है कि यहां के दर्जियों को फुरसत नहीं। सिलाई की दरें अधिक होने के बावजूद कई लोग टेलर से कपड़ा सिलाना पसंद करते हैं। भीलवाड़ा शहर में एक हजार से अधिक टेलर की दुकानें हैं, लेकिन काम ज्यादा होने के चलते समय पर कपड़े नहीं सिल पाते हैं। भीलवाड़ा शहर में कई ऐसे टेलर है जो केवल अधिकारी, बुजुर्ग व युवा वर्ग के कपडों की सिलाई करते हैं।

बड़ी वजह, जिसके चलते भीलवाड़ा में दर्जी जमा रहे धाक-
- भीलवाड़ा में हर माह बनता है 10 करोड़ मीटर कपड़ा
- कपड़े की कीमत कम से कम 80 रुपए मीटर
- डेनिम का कपड़ा यहां सस्ता मिल रहा है
- निजी स्कूलों की ड्रेस का कपड़ा यहां बन रहा
- स्कूल ड्रेस की सिलाई के लिए 80 से अधिक इकाइयां
- थोक में कपड़ा और सस्ता मिलता है।
सात माह नहीं मिलती फुर्सत-
टेलर मास्टर भवानीराम का कहना है कि त्योहारों व शादी के दिनों में पलभर का भी चैन नहीं मिलता। बारिश के तीन-चार माह के दौरान ही कम काम आता है। इस दौरान भी वे रेडीमेड ड्रेस बनाते हैं। लोग शादी समारोह, त्योहार या अन्य कार्यक्रम में कपड़े सिलवाते हैं। सिलाई की दरें 1 अक्टूबर 2022 को बढ़ाई थी।
परिवार की महिलाएं भी करती काम-
टेलर किशनलाल ने बताया कि सिलाई के कपड़े में बटन व तुरपन महिलाएं करती हैं। कई परिवारों में महिलाएं यह काम कर रही है। बंशीलाल ने बताया कि राजस्थान में भीलवाड़ा ही ऐसा शहर है, जहां दर्जियों को 12 महीने काम मिल रहा है। बाडमेर व जैसलमेर से भी कई टेलर भीलवाड़ा में काम कर रहे हैं। मास्टर सलीम का कहना है कि शहर में दुकानों के अलावा 500 से अधिक लोग घरों से सिलाई काम कर रहे हैं। अन्य जिलों में दर्जियों ने अपना काम ही छोड़ दिया है।
सिलाई की दरें-
पेंट- 500 से 600 रुपए
शर्ट -300 से 500 रुपए
कुर्ता व पायजामा- 800 से 1000 रुपए
सफारी-1200 से 1500
जैकेट- 1800 से 2000
सूट 4 पीस - 5000 से 5500 रुपए
सूट 3 पीस - 4000 से 4600 रुपए
सूट 2 पीस- 3500 से 4100 रुपए
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500 से अधिक लोग घरों पर कर रहे सिलाई
1100 रुपए पेंट व शर्ट की सिलाई
3 साल में एक बार बढ़ाते सिलाई की दरें

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