
This lady, who worked in KBC, lives in a 150 year old fort, alone, kno
भीलवाड़ा. 'कौन बनेगा करोड़पतिÓ, 'झलक दिखला जाÓ सहित कई टी शो में प्रतिभा दिखा चुकी जिले के मेजा गांव की प्रियंवदा सिंह को नारीशक्ति सम्मान मिला है। महिला दिवस पर दिल्ली में बाल विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोङ्क्षवद ने प्रियम्वदा को सम्मानित किया। प्रियम्वदा का परिवार वर्षों से अजमेर में रहता है। वे मुंबई में धारावाहिकों के लिए फ्रीलांसर रिसर्चर और कंटेंट स्ट्रेटिजिस्ट के रूप में काम करती थी। वे अक्सर छुट्टियों में ही अपने परिवार से जुड़े लोगों से मिलने मेजा आती रही। वे जब २०१२ में गांव आई, तो मुंबई वापस नहीं जाने का बहाना मिला। वजह थी मेजा में उनका पैतृक किला। उनके परिवार को जागीरदारी प्रणाली के तहत यह किला मिला था। इसके वर्तमान संरक्षक उनके पिता जितेंद्र सिंह हैं। यह किला सालों तक नजरअंदाज रहने से जर्जर होने लगा था। प्रियंवदा ने निश्चय किया कि वे किले को सुधरवाकर फिर से वही भव्य रूप देंगी। वे तीन-चार साल तक किले में रही। शुरुआत में प्रियंवदा ने यह काम हाथ में लिया, तो परिजन भी चितिंत हुए और गांववाले भी तरह-तरह की बातें करने लगे। उन्होंने प्रोजेक्ट शुरू किया तो स्थितियां बदलने लगी। मरम्मत शुरू होने के बाद किला फिर नए रंग में दिखने लगा। अभी इसका काम चल रहा है। जब प्रियंवदा किले की सफाई कर रहीं थी तो इतिहास, हिंदी साहित्य, यात्रा आदि पर पुरानी किताबें मिली। इस पर उन्होंने सामुदायिक लाइब्रेरी खोलने का फैसला किया। जल्द ही मित्रों, परिजनों व सहकर्मियों से नई व पुरानी किताबें मिलने लगी।
मनने लगे त्योहार
प्रियंवदा ने बताया कि मेजा में सब लोग सहयोग करने लगे हैं। गांव की महिलाओं को जागरूक करने के लिए बैठकें होती हैं। रक्तदान शिविर लगवाना शुरू किया है। साथ ही किले में स्थानीय गणगौर और जलझूलनी एकादशी आदि त्योहार मनाना शुरू किया गया है। युवाओं को साथ लाने के लिए प्रतियोगिताएं होती हैं। ये आयोजन स्थानीय लोगों को मदद से किए जा रहे हैं। वे चाहती हैं कि इस एेतिहासिक धरोहर को नई पहचान मिले।
Published on:
14 Mar 2019 05:44 pm
