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भीलवाड़ा के एमजीएच में पहली बार गले के कैंसर की सर्जरी

भीलवाड़ा. महात्मा गांधी अस्पताल में गले में स्वर नली के कैंसर की सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद वृद्ध अब पूरी तरह से स्वस्थ है।

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भीलवाड़ा के एमजीएच में पहली बार गले के कैंसर की सर्जरी

भीलवाड़ा के एमजीएच में पहली बार गले के कैंसर की सर्जरी

भीलवाड़ा. महात्मा गांधी अस्पताल में गले में स्वर नली के कैंसर की सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद वृद्ध अब पूरी तरह से स्वस्थ है।


एमजीएच के सह आचार्य डॉ. जयराज वैष्णव ने बताया कि जहाजपुर निवासी किशनलाल बलाई (70) सांस की तकलीफ होने पर एमजीएच आया। उसके गले में छेद कर ट्रेकियोस्टोमी कर जान बचाई गई। इसके 7 दिन बाद मरीज का गले के कैंसर का लैरिंजेक्टोमी का जटिल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन साढ़े चार घंटे चला। पहले ऐसे ऑपरेशन जयपुर व उदयपुर में होते थे। अब ऐसे ऑपरेशन एमजीएच में होने से नाक कान गले के कैंसर के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑपरेशन टीम में डॉ. लीना जैन, डॉ.जयराज, डॉ. चंद्रप्रकाश, डॉ. त्रपेंद, डॉ. रामेंद्र, निश्चेतन विभाग के डॉ. वीरेंद्र शर्मा, डॉ. रमेश माहेश्वरी, डॉ. महेंद्र, डॉ. गर्विता, डॉ. निकिता, डॉ. आशा, ओटी इंचार्ज वीरेंद्र, दीपक, करण आदि शामिल थे। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पवन, एमजीएच के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि निजी चिकित्सालय में इस सर्जरी का खर्च 3 से 4 लाख रुपए होता लेकिन एमजीएच में चिरंजीवी योजना में निशुल्क है। गले-नाक विभागाध्यक्ष डॉ लीना जैन ने बताया कि कैंसर के ऑपरेशन के साथ अब महात्मा गांधी में 4 साल के नीचे के बच्चों का कॉकलीयर इम्प्लांट का ऑपरेशन भी चिरंजीव योजना के होने लगे हैं।