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परिवहन विभाग के लिए गलफांस बना आरसी और लाइसेंस घर पहुंचाना

घर बैठे आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचाना परिवहन विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। आवेदक को विभाग के चक्कर कटवाने से बचाने के लिए शुरू की व्यवस्था कई आवेदक के नाम-पते गलत होने से पटरी पर नहीं बैठा पा रही।

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भीलवाड़ा. घर बैठे आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचाना परिवहन विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। आवेदक को विभाग के चक्कर कटवाने से बचाने के लिए शुरू की व्यवस्था कई आवेदक के नाम-पते गलत होने से पटरी पर नहीं बैठा पा रही। योजना शुरू हुए पौने दो माह हो गए और अब तक करीब सवा सौ आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस लौटकर विभाग के पास आ गए। इधर, कई आवेदक विभाग के दफ्तर में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नियम के तहत घर ही तैयार दस्तावेज पहुंचाने की व्यवस्था से असमंजस है।

यह था उद्देश्य
एक अगस्त से विभाग ने प्रक्रिया में बदलाव करते हुए आवेदक को दफ्तर बुलाने के बजाय घर के पते पर ही आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचाने की व्यवस्था की थी। दलालों से आवेदक को बचाने व समय और श्रम की बचत इसका प्रमुख उद्देश्य था। विभाग ने पौने दो माह में ७३० आरसी औरड्राइविंग लाइसेंस बनाए। इनमें से सवा सौ वापस कार्यालय आ गए।

यहीं आ रही अड़चन

विभाग का कहना है कि कहीं आवेदक का पता सही नहीं होने से नाम से तलाशना मुश्किल हो रहा है। डाकिया आरसी या ड्राइविंग लेकर घर पहुंचा है, तो कई बार आवेदक ही नहीं मिलते हैं। एेसे में डाक लौट रही है। उसके बाद आवेदक के विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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मांगा है मार्गदर्शन

आवेदका के नाम-पते गलत होने से डाक लौट रही है। नियम के अनुसार डाक से ही भेजने की व्यवस्था है। आवेदक को स्वयं को नहीं दिया जा सकता। इससे मुश्किल हो रही है। इसके लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है।

- शम्भूलाल, कार्यवाहक, जिला परिवहन अधिकारी