
कपड़ा आयुक्त डा. कविता गुप्ता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
भीलवाड़ा ।
टेक्सटाइल मंत्रालय को टफ अनुदान के लिए एक हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता है। यह तभी संभव होगा, जब उद्यमी सांसद के माध्यम से वित्त मंत्रालय से सिफारिश करवाकर यह राशि मंत्रालय को दिलाए। तब टफ में बकाया अनुदान उद्यमियों को देने के प्रयास किए जा सकेंगे। हालांकि मंत्रालय टफ की समस्या के समाधान के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।
यह बात कपड़ा आयुक्त डॉ कविता गुप्ता ने शनिवार को मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री व वस्त्र मंत्रालय की ओर से हरणी महादेव रोड स्थित ग्लोरिया इन में वस्त्र मंत्रालय की पावरटेक्स इण्डिया योजना एवं जीएसटी पर कार्यशाला के दौरान सवाल जवाब के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जीएसटी में कुछ समस्या आ सकती है, लेकिन उसका हमें मुकाबला करते हुए आगे बढऩा है।
अच्छी सोच के साथ आगे बढ़े
अच्छी सोच के साथ आगे बढऩे की बात कहते व शेर पढ़ते हुए कहा कि आसमां और भी है, हौंसलों की उडान चाहिए। विश्व में उन्हीं देशों ने उन्नति की है, जिसके देशवासियों ने देश के प्रति सम्र्पण करते हुए कार्य किए है। देश ने हमारे लिए क्या किया है, यह सोचने के बजाय हम देश के लिए क्या कर सकते है, इस भावना से काम करने वालों ने ही देश को आगे बढाया है। केन्द्र सरकार ने नीतियां काफी सोच-समझकर बनाई गई है, वे रहेगी और इन्हीं नीतियों के तहत हमें अपने उद्योग एवं व्यापार को अच्छी सोच के साथ आगे बढाना है।
डॉ गुप्ता ने पावरटेक्स इण्डिया के तहत विभिन्न नीतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पावरटेक्स इण्डिया के तहत पावरलूम सेक्टर के समग्र विकास के लिए इनसीटू अपग्रेडेशन ऑफ पावरलूम, ग्रुपवर्क शेड स्कीम, यार्न बैंक, कॉमन फेसेलिटी सेन्टर, प्रधानमंत्री ऋण योजना, सोलर पावर स्कीम फॉर पावरलूम, आईटी डवलपमेन्ट, टेक्स वेन्चर फण्ड एवं पावरलूम सर्विस सेन्टर के विकास के लिए योजनाएं शुरू की गई है। भीलवाडा पावरलूम की दृष्टि से एक अच्छा केन्द्र है, अफसोस है कि भीलवाडा के उद्यमी केन्द्र की योजनाओं का लाभ नही उठा पाए। पूरे देश में केवल 5 मेगा पावरलूम कलस्टर स्वीकृत इनमें सुरत, ईरोड सोलापुर तथा इंचलकरंजी के साथ भीलवाडा केन्द्र पर मेगा पावरलूम कलस्टर शामिल था। लेकिन भीलवाड़ा में एक भी कदम आगे नहीं बढ़ा है।
रेडीमेड गारमेन्ट व टेक्नीकल टेक्सटाइल पर जोर
टेक्सटाइल उद्योग के विकास के लिए मेड-अप्स, रेडीमेड गारमेन्ट एवं टेक्नीकल टेक्सटाइल क्षेत्र में विकास करना होगा। भीलवाडा विविंग एवं प्रोसेसिंग का हब है लेकिन जब अगली बार भीलवाडा आउं तो मेड-अप्स, रेडीमेड गारमेन्ट एवं टेक्नीकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में उद्योग लगे होने चाहिए। इसके लिए गुप्ता ने सांसद सुभाष बहेडिया को इसमें अग्रिम भूमिका निभाने का भी आव्हान किया।
जॉब वक्र्क में आ रही परेशानी
सीजीएसटी आयुक्त सीके जैन ने स्वीकार किया है कि जॉब वर्क करने वाले को परेशानी आ सकती है। लेकिन इसके लिए मंथन किया जा रहा है। इसमें कुछ प्रावधानों में बदलाव की आवश्यकता है। भीलवाड़ा के अलावा पाली, बालोतरा, सांगानेर, बांसवाड़ा सहित अन्य टेक्सटाइळ क्षेत्रों के एक सामूहिक रिपोर्ट बनाकर पेश करे ताकि उसका अध्ययन करके उसमें कुछ सुधार किया जा सके। जीएसटी कानून किसी एक को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। इसमें थोड़ा सुधारने की गुंजाइश रहती है। प्रावधानों में बदलाव तो नहीं होगा, लेकिन व्यापार में बदलाव लाना होगा। रिटर्न करने या फाइल करने में कोई गलती रहती है तो अगले साल सितम्बर से पहले उसे सुधारा जा सकता है। सांसद सुभाष बहेडिया ने कहाकि मेनमेड टेक्सटाइल, कॉटन टेक्सटाइल, टेक्सटाइल के सभी सेक्टर पर करारोपण एवं दरों में विसंगतियों को दूर करने के संबंध में प्रयास किए जा रहे है। संगम ग्रुप के चेयरमेन आरपी सोनी ने कहाकि जीएसटी के तहत एक राष्ट्र-एक कर की भावना की गई है लेकिन टेक्सटाइल क्षेत्र में कॉटन एवं मेनमेड टेक्सटाइल के मध्य तथा टेक्सटाइल के विभिन्न सेक्टरों के करों में काफी विसंगतियां है।
चेम्बर अध्यक्ष दिनेश नौलखा ने भीलवाडा के उद्योगों के टफ स्कीम संबंधी प्रकरण जो कि यूआईडी या अन्य कारणों से लम्बित चल रहे है, उनका शीघ्र ही निराकरण, टफ स्कीम में ब्याज अनुदान का भुगतान कराने की मांग की है। महासचिव आर के जैन ने संचालन करते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चेम्बर के पूर्वाध्यक्ष आरएल नौलखा, डॉ पी एम बेसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेके बागडोदिया, संयुक्त सचिव केके मोदी, कोषाध्यक्ष वीके मानसिंगका, जेसी सोनी, जीसी जैन, प्रवीण जैन, राजीव मुखिजा, दीपक अग्रवाल सहित कई उद्यमी उपस्थित थे।
Published on:
09 Sept 2017 09:33 pm
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