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पांच भूखंडों की नीलामी से यूआइटी की चार करोड़ की कमाई

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uit got four croar by oxen in bhilwara

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पांच भूखंडों की नीलामी से यूआइटी की चार करोड़ की कमाई

भीलवाड़ा. नगर विकास न्यास ने खाली होते खजाने को भरने के लिए गुरुवार को भूखंडों की खुली नीलामी की। नीलामी कमेटी ने गुरुवार को न्यास सभागार में ४० भूखंडों की नीलामी रखी। पटेलनगर, बापूनगर, पथिकनगर एवं तिलक नगर योजना क्षेत्र के ५ भूखंडों के लिए लोगों ने बढ़-चढ़कर बोली लगाई। नीलामी से न्यास ने कुल तीन करोड़ ८८ लाख ४६ हजार रुपए का राजस्व अर्जित किया। नीलामी के दौरान चैयरमेन गोपाल खण्डेलवाल, सचिव राधेश्याम मीणा, जिला कोषाधिकारी सुरेश देसाई व सहायक लेखाधिकारी अनिल शर्मा तथा अभियंता मौजूद थे

राह रोकती केबिन हटवाई, टीनशेड खुलवाए

नगर विकास न्यास की शहर के प्रमुख मार्गों व चौराहों को अतिक्रमण से मुक्त करने की मुहिम गुरुवार को भी जारी रही। न्यास सचिव राधेश्याम मीणा ने बताया कि अधिशासी अभियंता सतीश शारदा की अगुवाई में सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव, रामप्रसाद जाट, सुनील बोहरा व अरविन्द व्यास तथा कनिष्ठ अभियंताओं की मौजूदगी में दस्ते ने गुरुवार को रीको चौराहे से बीलिया चौराहे के मध्य मार्ग से अतिक्रमण हटाए। इस दौरान स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण हटाने के साथ ११ केबिन भी सड़क किनारों से हटाई गई। दस्ते ने फुटपाथों पर रखे साइन बोर्ड हटवाते हुए टीनशेड भी खुलवाए।

आवेदनों का ढेर लगा तो गठित की जांच कमेटी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)भीलवाड़ा. अपने आशियाने की चाह में लोगों का सरकारी अनुदान छोडऩे का मोह छूट नहीं रहा है। यही कारण है कि भीलवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के जरिए अनुदान उठाने के लिए अब तक करीब ११ हजार आवेदन आ चुके हैं। आवेदनों का ढेर बढने से नगर विकास न्यास को इनकी जांच के लिए गुरुवार को कमेटी का गठन करना पड़ा।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शहर में क्रियान्विति के लिए सरकार ने न्यास को नोडल एजेंसी बना रखा है। लाभार्थी को भूखंड पर निर्माण या उसके अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की राशि का भुगतान तीन किस्तों में करेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए न्यास के साथ ही कलक्ट्रेट में आवेदन मांगे गए थे। न्यास को सर्वाधिक साढे़ आठ हजार आवेदन मिले, वहीं कलक्ट्रेट में डेढ़ हजार आवेदन आए। आवेदनों का बढऩे पर न्यास गहनता से जांच करेगा।आवेदनों की जांच के लिए न्यास सचिव राधेश्याम मीणा ने गुरुवार को जांच कमेटी गठित की। कमेटी में अधीक्षण अभियंता केआर जीनगर, अधिशासी अभियंता सतीश शारदा, राकेश परिहार व योगेश माथुर को शामिल किया गया। अभियंताओं को शहर को चार जोन में विभिक्त कर आवेदनों की जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी आवेदकों की पात्रता की जांच करेगी। इसके लिए जीरो टेगिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी। आवेदकों की जमीन व अधूरे निर्माण का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।