Non Notified Agricultural Commodities and Foodstuffs: भीलवाड़ा . राज्य सरकार ने भले ही आगामी साल के बजट में किसी भी खाद्य पदार्थ पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया, लेकिन मंडियों में गैर अधिसूचित कृषि जिंस और खाद्य पदार्थों का व्यापार करने पर आधा प्रतिशत प्रतिशत यूजर चार्ज लगाने का प्रस्ताव किया है। इस निर्णय से अब कई व्यापारी मंडी में किराने का व्यापार भी कर सकेंगे। हालांकि व्यापारी यूजर चार्ज लगाने का विरोध कर रहे है। वे इसे 0.20 प्रतिशत करने की मांग कर रहे है।
व्यापारियों का कहना है कि अभी तक गैर अधिसूचित कृषि जिन्स और खाद्य पदार्थों का व्यापार करने पर किसी तरह का मंडी टैक्स नहीं है। व्यापारी अभी अपने प्रतिष्ठान पर अधिसूचित जिंस व खाद्य पदार्थ के साथ गैर अधिसूचित पदार्थ तेल, आटा, मैदा, सूजी समेत अन्य सामग्री भी बेच रहे है। यदि इस पर आधा प्रतिशत यूजर चार्ज लगता है तो आमजन की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि तेल का टीन 2500 में रुपए आता है तो इस टैक्स के बाद लोगों 25१२.५० रुपए देने होंगे। मंडी के व्यापारियों का कहना है कि यूजर चार्ज के निर्णय से मंडी में व्यापार पर असर पड़ेगा। व्यापारियों को मंडी के बाहर व्यापार शुरू करना पड़ेगा। क्योंकि कोई भी महंगा सामान लेने मंडी नहीं आएगा।
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इन पर लगेगा यूजर चार्ज
यूजर चार्ज गैर अधिसूचित कृषि जिंस व खाद्य पदार्थों पर लगेगा, जिसमें बारदाना, तेल, आटा, मैदा, सूजी, दालें, चायपत्ती, चावल, खोपरा, हल्दी, मैथी, धनिया, कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्किट, टॉफी व सूखा मेवा आदि शामिल है।
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इन पर लगता है टेक्स
राजस्थान में कृषि मंडी में मंडी टैक्स का 1 से 1.60 प्रतिशत और कृषक कल्याण शुल्क 0.50: प्रतिशत है। केवल गैर अधिसूचित कृषि जिंस और खाद्य पदार्थ पर टैक्स नहीं था। सरकार ने इस बार इन पर 0.50 प्रतिशत यूजर चार्जेज लगाने का प्रस्ताव किया है।
यूजर चार्ज ज्यादा लगाने का विरोध
सरकार को संघ ने ही प्रस्ताव दिया था कि मंडी में व्यापार करने के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सरकार ने इस प्रस्ताव को अपने बजट में रखते हुए गैर अधिसूचित कृषि जिंस और खाद्य पदार्थों पर 0.50 प्रतिशत यूजर चार्ज लगाने की घोषणा की है। इसका हम विरोध कर रहे है। सरकार इसे कम करके 0.20 प्रतिशत करें।
बाबूलाल गुप्ता, अध्यक्ष राजस्थान खाद्य पदार्थ संघ जयपुर