हरणी महादेव में 42 साल पहले हुई थी इस प्रतिमा की स्थापना
भीलवाड़ा शहर से मात्र पांच किलोमीटर दूर, हरणी महादेव स्थित मंशापूर्ण महादेव मंदिर एक अलौकिक और अद्वितीय धाम है। इसकी महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है। इस पवित्र स्थल की सबसे खास बात यह है कि यहां एक ही लिंग में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन होते हैं, जो इसे आस-पास के क्षेत्र में अनुपम और अत्यंत दुर्लभ बनाता है। प्राचीन काल से स्थापित यह मंदिर भक्तों की अगाध श्रद्धा का केंद्र है। ऐसी प्रबल मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन मात्र से हर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के उपरांत भक्तजन यहां प्रसादी और भोग अर्पित कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। मंशापूर्ण महादेव मंदिर वास्तव में आध्यात्मिक शांति, दिव्य आशीर्वाद और शिवत्व की अद्वितीय अनुभूति का एक अद्भुत स्रोत है।
5 फीट ऊंचे शिवलिंग में बसे हैं सभी स्वरूप
हरणी महादेव स्थल पर एक ऐसा शिव मंदिर है, जिसमें 5 फीट ऊंचे शिवलिंग में 12 ज्योतिर्लिंगों का स्वरूप दिखता है। भक्तों का कहना है कि बहुत से लोग 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने नहीं जा सकते हैं, ऐसे में इस शिव मंदिर में आकर 12 ज्योतिर्लिंग की पूजा कर फल प्राप्त कर सकते हैं।
प्रत्येक सोमवार को शिव भक्त यहां आकर भगवान के दर्शन करते हैं। सावन में सुबह से शाम तक मेले जैसा नजारा रहता है। वहीं शिवलिंग का दिन में तीन बार श्रृंगार किया जाता है। सुबह मंगला आरती के बाद रुद्राभिषेक भी किया जाता है। 12 ज्योतिर्लिंग के समावेश वाले इस शिवलिंग के दर्शन करने भीलवाड़ा ही नहीं, प्रदेश से काफी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
प्राकृतिक पहाड़ों के बीच रमणीय स्थल
हरणी महादेव तीर्थ पर स्थित 12 ज्योतिर्लिंग वाले शिव मंदिर प्राकृतिक पहाड़ों के बीच स्थित है। सावन माह में व्रत रखने वाले भक्त यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं। ऐसे में यहां पूजा करने से ही हमारे संतुष्टि मिलती है।
42 साल पहले हुई थी मन्दिर की स्थापना
मंदिर के पुजारी ने दावा किया कि यह प्रदेश का एकमात्र शिव मंदिर है, जहां एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग हैं। इस मंदिर की स्थापना शिवभक्त रामस्वरूप अग्रवाल ने 42 वर्ष पहले की थी। सावन में सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक लोग भगवान शिव की पूजा करते रहते हैं।
मंदिर का एक परिचय