
सरकार मदद करें तो यहां लग सकती एथेनॉल प्लांट व फूड प्रोसेसिंग इकाई मध्यप्रदेश सरकार दे रही सुविधा, भीलवाड़ा के उद्यमी कर रहे नीमच का रूख
भीलवाड़ा राजस्थान की भाजपा सरकार मदद करें तो मक्का उत्पादन का उपयोग भीलवाड़ा जिले में हो सकता है। प्रदेश में सबसे अधिक मक्का का उत्पादन भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले में हो रहा है। इसका उपयोग भीलवाड़ा के बजाय पंजाब, हरियाणा व विदेशों में हो रहा है। इसका मुख्य कारण सरकार की नीति साफ नहीं है। भीलवाड़ा के उद्यमी फूड प्रोसेसिंग इकाई व एथेनॉल प्लांट लगाने को तैयार है, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। सरकार अगर जमीन व पानी उपलब्ध कराए तो भीलवाड़ा जिले में कहीं भी 110 करोड़ से अधिक की लागत का एथेनॉल प्लांट लग सकता है। इन दोनों के अभाव में मक्का से जुड़े प्लांट व इकाइयां मध्यप्रदेश के नीमच में लग रही है।
खाड़ी देश में हमारे मक्के की मांग
जिले में औसत साढ़े तीन लाख टन से अधिक मक्का का उत्पादन हो रहा है। भीलवाड़ा में कोई इकाई नहीं होने से यह सारा मक्का खाड़ी देशों में गुजरात केे गांधीधाम में पैक होकर जा रहा है। मंडी व्यापारी दीपक डागा ने बताया कि सऊदी अरब, कतर, दुबई, कुवैत के साथ ही कनाड़ा व कई अन्य देशों में दोनों किस्म का मक्का जा रहा है। हाइब्रिड मक्का (शंकर) की पंजाब, हरियाणा, गुजरात में पोल्ट्री फार्म हाउस में खासी मांग है। मक्का की फसल भीलवाड़ा में ही काम आए इसके लिए एथेनॉल प्लांट व फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने होंगे। इसके लिए सरकार को ही पहल करनी होगी।
5 लाख क्विंटल मक्का की खपत
भीलवाड़ा-शाहपुरा में दो किस्म देशी व हाइब्रिड मक्का का उत्पादन हो रहा है। इनमें देशी मक्का का उपयोग खाने तथा हाइब्रिड मक्का का उपयोग मुख्यत: पोल्ट्री फार्म हाउस, पशुआहार संयत्र तथा एथेनॉल प्लांट में हो रहा है। यह मक्का हरियाणा, पंजाब, अजमेर, रायला के पास लाम्बिया में पशु आहार संयत्र तथा खाड़ी देशों में जा रही है। इनकी मांग 4 से 5 लाख क्विंटल प्रति वर्ष की है।
नीमच में लग रहे उद्योग
भाजपा सरकार की मदद नहीं मिलने से यहां के उद्यमियों ने मध्यप्रदेश के नीमच में प्लांट लगाने के लिए एमओयू किया। वहां की सरकार पानी व जमीन के साथ बिजली में रियायत दे रही है। जबकि देश में सबसे महंगी बिजली राजस्थान में है। ऐसे में टेक्सटाइल उद्योग भी वहां जा रहे हैं।
राजस्थान में भीलवाड़ा अव्वल
कृषि विभाग के अनुसार मक्का का सर्वाधिक उत्पादन भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले में होता है। दूसरे नंबर पर चित्तौड़गढ़, तीसरा उदयपुर, चौथा बांसवाड़ा तथा पांचवां राजसमंद है। बांसवाड़ा में खरीफ व रबी की फसल भी मक्का होती है। भीलवाड़ा कृषि मंडी के पूर्व निदेशक शिव गगरानी ने बताया कि सरकार किसानों के हित में नीति बनाए तो मक्का का उपयोग भीलवाड़ा में हो सकता है।
भीलवाड़ा जिले में मक्का की फसल का उत्पादन
Published on:
02 Aug 2024 11:38 am
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