
भीलवाड़ा: प्रधानमंत्री किसान समान योजना
भीलवाड़ा केंद्र सरकार ने दूसरे कार्यकाल में किसानों की खाद-बीज से जुड़ी जरूरतें पूरा करने को प्रधानमंत्री किसान समान योजना शुरू की तो सरकारी सिस्टम की अनदेखी से योजना शुरुआत से ही जिले के अपात्र किसानों के लिए कामधेनु बन गई। योजना का लाभ दिलाने की ई-मित्र संचालक और राजस्व विभाग के गठजोड़ से फर्जी, अपात्र और भूमिहीन किसान शामिल हो गए। इसके कारण भीलवाडा़ जिले में जहां चार लाख किसानों को योजना का लाभ मिला। वहीं 17वीं किस्त तक किसानों की संया घटकर 2 लाख रह गई है।
सरकार से साल में तीन बार मिलने वाली छह हजार की किस्त नियमों की अनदेखी का शिकार पहले ही हो गई। बिना भूमि वाले भी समान निधि का लाभ लेते गए। जिले के बड़े कारोबारी, दुकानदार और नेताओं ने योजना को जमकर लाभ लिया।
योजना से अपात्र किसानों को बाहर निकालने के लिए सरकार ने आधार लिंक, भूलेख पंजीकरण और ई-केवाईसी को माध्यम बनाया तो कई किसान योजना से बाहर हो गए। जो अपात्र होने के बाद भी निधि पा रहे थे।
मोदी केबिनेट की पहली बैठक में किसानों को किस्त जारी करने की घोषणा की गई। जिले में पात्र किसानों को सरकार की ओर से 17 वीं किस्त मिलेगी। यह किस्त केन्द्र सरकार की ओर से किसानों के खातों में जारी की जाएगी। इसके लिए अनुमानित 2,20,200 किसान पात्र है। इसमें भीलवाड़ा व शाहपुरा के किसान शामिल है।
ऐसे कम हुए
पीएम किसान समान लेने वाले किसानों की ई-केवाइसी अनिवार्य हुई तो अपात्र किसान कम होने लगे। पीएम पोर्टल पर भूलेख डाटा दर्ज हुआ तो और अपात्र बाहर हो गए। कागजी सत्यापन में हर बार किसान कम होते गए। जिसमें पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलता रहा।
यों आई गिरावट
Published on:
02 Jul 2024 11:14 am
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