
भीलवाड़ा.
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिला के प्रवेश की राह सितंबर 2018 में खोल दी, लेकिन भीलवाड़ा वन मण्डल स्थित विश्व प्रसिद्ध मेनाल जलप्रपात के मुख्य गेट के सामने मेनाल बालाजी मंदिर में महिलाओं का प्रवेश तो है, लेकिन वे यहां परिक्रमा नहीं लगा सकतीं। देश के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंच रही श्रद्धालुओं ने यहां परिक्रमा लगाने की कोशिश की, लेकिन यहां उन्हें रोक दिया गया।
भीलवाड़ा वन मण्डल के अधीन एवं चित्तौडग़ढ़ जिले की सीमा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मेनाल जलप्रपात पर वर्ष पर्यन्त पर्यटकों की आवाजाही रहती है, लेकिन ग्रीष्मकालीन, बारिश व दीपावली की छुट्टियों के दौरान यहां पर्यटकों का मेला रहता है। यहां देश के साथ ही विश्व के कोने कोने से पर्यटक आते हैं, लेकिन इसी मेनाल जलप्रपात के मुख्य गेट पर स्थित मेनाल बालाजी मंदिर आज भी प्राचीन आस्था एवं विश्वास में जकड़ा हुआ है, यहां मंदिर में महिलाओं के दर्शन को प्रवेश है, लेकिन वे यहां परिक्रमा नहीं कर सकती हैं। कोई कोशिश भी करता है तो उसे तुरन्त रोक दिया जाता है और नाराजगी भी मंदिर की सेवा में जुटे लोग, पुजारी व व उनके परिजन जताते हैं।
प्राचीन परम्परा निभा रहे
हैमेनाल बालजी मंदिर ट्रस्ट संरक्षक सूरजमल मीणा बताते है कि मंदिर सातवी सदी का है, मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक नहीं है, लेकिन वे यहां परिक्रमा नहीं कर सकती है। ये व्यवस्था शास्त्रों के अनुसार है। वही व्यवस्थापक रामस्वरुप लखारा बताते है कि सदियों पहले ये मंदिर खेजड़ी के नीचे हुआ करता था, बाद में यहां मंदिर बनाया गया, ये चमात्कारिक स्थल है। ये मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला हुआ है, लेकिन यहां महिलाओं के लिए परिक्रमा करने पर मनाही है। मंदिर के युवा पुजारी वेदराज बताते है कि उनके पिता व दादा, परदादा के जमाने की ये परम्परा है। वहीं मंदिर क्षेत्र की इन्द्रा देवी बताती है कि ये यहां की परम्परा है, हम भी इसकी पालना करते आ रहे हैं, बड़े बुर्जगों की बनाई परम्परा है।
सबरीमाला में राह खुली तो यहां क्यूं नहीं
तमिलनाडृ से परिवार के साथ आई पी. चिरवल्ली गुजरात की मीनाक्षी बेन व लक्ष्मीराज का कहना था सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सबरीमाला में महिलाओं के लिए सालों से बंद पड़े ताले खुल गए तो यहां विश्व धरोहर के सामने मंदिर में महिलाओं को परिक्रमा से रोकना अनुचित है।
आला नेता व अधिकारी भी आते हैं
पर्यटक महेन्द्र मीणा बताते है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना यहां भी सुनिश्चित होनी चाहिए, इस मंदिर की महत्ता, इस लिए भी बढ़ जाती है कि ये विश्व धरोहर मेनाल जलप्रपात के मुख्य गेट के सामने है और यहां जलप्रपात पर देश एवं विदेश के नेता व आला अधिकारी भी आते हैं, इनमें महिला प्रतिनिधि भी होती है।
Published on:
06 Mar 2019 08:53 pm
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