14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्राचीन गौरी सरोवर बढ़ा रहा है शहर की रौनक

प्रशासन के प्रयासों के चलते पार्क व सरोवर किनारे सड़क का हुआ विकास

2 min read
Google source verification
प्राचीन गौरी सरोवर बढ़ा रहा है शहर की रौनक

प्राचीन गौरी सरोवर बढ़ा रहा है शहर की रौनक

भिण्ड. शहर के हृदय स्थल गौरी सरोवर यहां का एक प्राचीन पर्यटन स्थल है। इसके अलावा इसे सिर्फ पर्यटन ही नहीं बल्कि धार्मिक स्थल के रूप में भी पहचाना जाता है। सरोवर के इर्द गिर्द 125 छोटे बड़े मंदिर स्थित है। जिनमें 100 मंदिर तो केवल भगवान शिव के ही है। वहीं अन्य मंदरों प्राचीन गणेश मंदिर, शनि मंदिर सहित कई अन्य दिवी देवाताओं के मंदिर स्थित है। इसके साथ ही भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिरों में वनखंडेश्वर मंदिर है। कहा जाता है कि इसका निर्माण 12वीं सदी के आसपास भारत के सम्राट पृथ्वीराज चौहान द्वारा कराया गया था। वहीं महाकालेश्वर मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर सहित कई और शिवर में प्रतिष्ठित है।


गौरी सरोवर के रखरखाव के लिए शासन की तरफ से कई योजनाओं का क्रियान्वयन करते हुए सरोवर में निरंतर पानी छोडऩे, तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए किनारे पर लाइट्स व रैलिंग लगवाई गई। वहीं समाजसेवियों द्वारा प्रशासन से भी एक कदम आगे बढ़कर प्रयास किए गए हैं। समाजसेवियों की ओर से जहां तालाब में कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जा रही है, जिसमें लोग बोटिंग करना सीखते हैं। वहीं तालाब में मछलियों के लिए भी प्रतिदिन आम लोगों द्वारा इंतजाम किए जा रहे हैं। लोगों रोज शाम सरोवर किनारे घूमने आते हैं। इस दौरान कई लोग मछलियां चुगाते हुए देखे जा सकते हैं। पूर्व भिण्ड कलेक्टर इलैयाराजा टी के शासन में समाजसेवियों के सहयोग से सरोवर किनार कई पार्क विकसित कए गए। जिनमें नित आम लोग बैठकर आनंद लेते हुए नजर आते हैं। प्रशासन की तरफ से मुख्य बाजार को गौरी के दूसरे किनारे से जोडऩे के लिए ब्रिज प्रस्तावित किया गया है। हालांक दो वर्ष से चल रहा उसका निर्मण अधर में ही छोड़ दिया गया है।


सरोवर में गंदा पानी रोकने किए जाए प्रयास

गौरी सरोवर के विकास के लिए प्रशासन के साथ साथ समाजसेवियों की ओर से भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन शहर की अधिकांश आबादी के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का निकास नालियों के माध्यम से गौरी सरोवर में ही हो रहा है। इसी गंदगी के चलते सरोवर में कई बार मछलियों की मौत हो जाती है। वहीं शाम के समय सरोवर के किनारे घूमने आने वाले लोगों को भी गंद महसूस होने लगती है। ऐसे स्थिति में प्रशासन को सरोवर में जा रहे गंदे पानी के स्रोतों पर रोक लगानी चाहिए। ताकि सही मायनों में गौरी सरोवर को एक बहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।