
ट्रेचिंंग ग्राउंड में बंद कचरा संधारण प्लांट
भिण्ड.स्वच्छ सर्वेक्षण-2023-24 के लिए नगर परिषद गोरमी के जिम्मेदार इस बार भी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। कचनाव रोड पर बने ट्रेचिंग ग्राउंड पर बने अधिकांश प्लांट बंद या काम चलाऊ स्थिति में है। जबकि स्वच्छता मिशन में इस बार भी कचरा संग्रहण के साथ उसका निपटान कैसे किया जा रहा है और उसमें से कितना अन्य कार्य के लिए उपयोग योग्य बनाया जा रहा है, इसके नंबर मिलेंगे। जनता से सीधे फीडबैक लेगी। लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं हैं। मामले को लेकर सीएमओ रामप्रकाश जगनेरिया का कहना है कि बिजली की समस्या के कारण मशीनें बंद पड़ी हैं, शीघ्र ही उन्हें चालू कराया जाएगा।
जैविक खाद बनाने के प्रोजेक्ट के लिए बना कंपोस्ट पिट, फ्रीकल ट्रीटमेंट प्लांट और एमआरएफ प्लांट बने हैं। यह सभी केंद्र 5 टीपीडी की क्षमता के हैं। एमआरएफ(मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर से सूखा-गीला कचरे को अलग कर गीले कूड़े से खाद बनाई जानी थी, और सूखा कचरा पृथक करना था। लेकिन प्लांट पर आई मशीन सालों से बंद है। इसी तरह कंपोस्ट खाद बनाने का प्लांट बंद है। यदि जैविक खाद बनाकर खेती को बढ़ाया दिया जाता तो किसानों को लाभ कि साथ नप का राजस्व भी बढ़ता।
शोपीस बने प्लांट:
घरों में स्थित सेप्टिक टैंक की सफाई के बाद मल-जल का नष्टीकरण किस प्रकार किया जाता है। इसके लिए नप ने ट्रेचिंग ग्राउंड में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) बनाया था। यह सोन खाद बनाने का प्रोजेक्ट था, इसकी भी स्थिति दयनीय हो रही है। क्योंकि प्लांट को कब चलाया जाता है, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। ट्रेचिंग ग्राउंड में बने इन प्लांटों को चालू कर दें तो सालों तक उपयोगी हो सकते हैं। स्वास्थ्य शाखा के जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालत यही रही तो 8 वर्ष पूर्व बरे यह प्लांट धीरे-धीरे जर्जर हो जाएगा।
सड़कों पर लगे कचरा के ढेर:
नगर में कचरा कलेक्शन करके ट्रेचिंग ग्राउंड तक नहीं पहुंचाया जाता है, क्याेंकि वहा कचरे का ध्वस्थीकरण नहीं किया जा रहा है। इसलिए कर्मचारी कचरा उठाकर मुक्तिधाम के पास सड़क पर फेंक जाते हैं। इसे लेकर पूर्व में भी सवाल उठे थे। हालांकि बाद में कचरे को वहां से उठवाकर ट्रेचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया गया था। लेकिन बाद में स्थिति फिर जस की तस होने लगी। लाखों रुपए की लागत से बने ट्रीटमेंट प्लांट व कचरा संधारण केंद्रों के बंद होने पर अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मौन हैं।
कथन:
कचरे का उठाव करके ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचाया जाता है। प्लांट चालू थे, लेकिन बिजली समस्या के कारण मशीनें बंद हो गई हैं। मशीनों को दोबारा चालू कराया जाएगा।
रामप्रकाश जगनेरिया, सीएमओ, नप गोरमी
Published on:
25 Feb 2023 12:44 pm

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