
कलेक्टर चैंबर में चर्चा करते अधिकारी
भिण्ड. अन्नदाता सरकारी रेट पर फसल बेचने में अब रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पिछले साल कृषकों ने गेहूं-सरसों के पंजीयन तो कराए पर मंडियों में उपज लेकर नहीं पहुंचे। इस साल हालत यह है कि किसान एमएसपी पर खरीदी के पंजीयन कराने ही नहीं पहुंच रहे हैं। चार दिन शेष बचे हैं, ऐसे में अब तक सरसों के 383 तो गेहूं के 799 किसानों ने पंजीयन कराए हैं। जबकि पिछली साल सरसों के 15 हजार और गेहूं के 9 हजार किसानों ने पंजीयन कराए थे।
कृषि विभाग की चिंता बढ़ी:
एमएसपी पर किसानाें का मोहभंग हो गया है। इसे लेकर कृषि विभाग के अधिकारी चिंतित हैं। कृषि विभाग के प्रभारी उप संचालक आरएस शर्मा का कहना है कि गेहूं सरकारी रेट 2125 रुपए और सरसों की 5425 रुपए रखी है, लेकिन प्राइवेट मंडियों में इससे अधिक भाव है और दाम भी नकद मिल जाता है। जिसके कारण किसान सरकारी खरीदी केंद्र पर फसल बेचने को तैयार नहीं हैं। किसानों को समझाया जा रहा है। सरकारी खरीदी पर ही अनाज बेचें, क्याेंकि फसल पर प्राइवेट मंडी में दाम कम हो जाएंगे।
पंजीयन की बढ़ सकती है अवधि:
खरीदी के लिए जिले में 44 केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर 2 से 28 फरवरी तक सरसों, गेहूं, चना और मसूर के पंजीयन किए जा रहे हैं। इसके अलावा एप के जरिए भी किसान मोबाइल से पंजीयन करा सकते हैं, लेकिन पंजीयन का इस साल स्कॉर बेहद ही कम रहा है। ऐसे में रजिस्ट्रेशन की अविध बढ़ाई जा सकती है। जिस तरह से किसान पंजीयन में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उससे यही कहा जा सकता है कि इस साल भी खरीदी केंद्र सूने ही रहेंगे। किसानों को जहां नकद में पैसा मिल जाता है, वहीं गेहूं की खरीदी न होने से शासन की मुश्किल बढ़ती है।
24 फरवरी तक पंजीयन संख्या:
उपज संख्या
गेहूं 799
सरसों 383
चना 06
मसूर 00
कथन:
किसान सरकारी रेट पर फसल बेचने पंजीयन जल्द कराएं। फसल के सीजन पर प्राइवेट मंडियों में उपज के दाम कम होंगे।
आरएस शर्मा, प्रभारी उपसंचालक, कृषि विभाग भिण्ड
Published on:
25 Feb 2023 12:23 pm

बड़ी खबरें
View Allभिंड
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
