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गोरमी है तहसील फिर भी काम होते हैं मेहगांव में

परेशान हो रहे हैं ग्रामीण, चार साल पूर्व मिला था तहसील का दर्जा

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भिंड

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Rajeev Goswami

Feb 24, 2020

गोरमी है तहसील फिर भी काम होते हैं मेहगांव में

गोरमी है तहसील फिर भी काम होते हैं मेहगांव में

गोरमी. गोरमी को तहसील की सौगात मिले हुए करीब चार वर्ष का समय हो चुका है, लेकिन अब भी गोरमी तहसील में लोग मूलभूत सुविधाओं तक से वंचित हैं। क्षेत्र के लोगों को मजबूरन तहसील से संबंधित अधिकांश कामों के लिए मेहगांव जाना पड़ रहा है।

दरअसल गोरमी क्षेत्र में करीब 2 लाख की आबादी निवास करती है। इनमें अधिकांश लोग गांवों में निवास करते हैं। क्षेत्र की आबादी को सुविधा मुहैया कराने के लिए गोरमी में तहसील की स्थापना की गई, लेकिन गोरमी को तहसील वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। क्षेत्र के लोगों को बार-बार मेहगांव तक दौड़ लगानी पड़ती है। गोरमी में स्थापित तहसील में केवल मूल निवासी और चरित्र प्रमाण पत्र बनाने का काम होता है। यहां न तो जमीन की रजिस्ट्री कराने की सुविधा है और न ही कोई स्टांप वेंडर बैठता है। तहसील पर कोई लोअर कोर्ट भी स्थापित नहीं किया गया है। स्टाफ के नाम पर एक नायब तहसीलदार के अतिरिक्त केवल दो या तीन लोग दिखाई पड़ते हैं।

गोरमी तहसील में किसानों को अपने खेतों की खसरा व खतौनी की नकल भी समय पर नहीं मिल पाती है। अधिकांश पटवारी तहसील मुख्यालय पर बैठते ही नहीं हैं। वहीं गोरमी नगर के चार पटवारियों का तबादला एक के बाद एक होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

बार-बार पटवारी के तबादले से लोग परेशान

गोरमी तहसील परिसर में पटवारी नहीं बैठ रहे हैं। प्रशासन द्वारा यहां पदस्थ पटवारी का बार-बार तबादला किया जा रहा है। इससे लोगों को पदस्थ पटवारी की जानकारी ठीक से नहीं मिल पाती है। ऐसे में लोगों को पटवारी की सही जानकारी नहीं मिल पाने के कारण कामों में काफी देरी हो जाती है।


-जब तक तहसील में स्टाफ की बढ़ोतरी नहीं होगी और रजिस्ट्री सुविधा नहीं होगी तब तक तहसील बन जाने के बाद भी कोई लाभ नहीं हो सकता है।

-विकास थापक

-तहसील में जाओ तो पटवारी नहीं मिलते हैं और न ही स्टाफ सुनता है। इस वजह से खसरा-खतौनी की नकल निकलवाना भी टेड़ी खीर है।

-राहुल कटारे, किसान

-हम लोग खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर थे। हमने कई बार राजनेताओं और अधिकरियों को ज्ञापन दिया। तब जाकर टीन शेड लगा है, फिर भी अन्य सुविधाएं जो जरूरी है उनका अभाव है।

महेश शर्मा, वकील

-गोरमी तहसील में स्टाफ की बढ़ोतरी एवं सुविधाएं कैसे बढ़े, इसके लिए आला अधिकारियों को लिखा जाएगा। बाकी जो भी शासन से सुविधाएं उपलब्ध हैं, वो सब समय पर मिल रही है।

शिवदत्त कटारे, नायब तहसीलदार