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40% चर्मरोगियों की जांच, 81 कुष्ठ रोगी

22 मरीजों की हालत ’यादा खराब, एक साल तक चलाना, होगा उपचार, एक से 20 अगस्त तक चले अभियान में निकल कर आए थे 11125 चर्मरोगी

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भिंड

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Rajeev Goswami

Aug 30, 2019

भिण्ड. कुष्ठ रोग से लडऩे के लिए एक अगस्त से 20 अगस्त तक चलाए गए अभियान में चिह्नित चर्मरोगियो में से 40 फीसदी का परीक्षण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से 81 मरीजों में कुष्ठ की पहचान कर ली है। इनमें 22 मरीजों की हालत ’यादा चिंताजनक पाई गई है। सभी मरीजों का परीक्षण करने के बाद जिले में पाए गए कुष्ठ रोगियों की संख्या दो सैकड़ा को पार कर सकती है।

अभियान के दौरान 1846 दलों द्वारा 15 लाख की आबादी का परीक्षण किया गया था। इनमें से 11125 मरीजों की पहचान चर्म रोगियोंं के रूप में की गई थी। 21 अगस्त के बाद पीएचसी-सीएचई स्तर पर संदिग्ध मरीजों के परीक्षण का कार्य शुरू किया गया था। अभी तक करीब पांच हजार मरीजों का परीक्षण किया जा चुका है। इनमें 81 में कुष्ठ की पहचान कर ली गई है। पहचानें गए 22 मरीजों के शरीर में 5 से लेकर 10 तक दाग-धब्बे पाए गए हैं। इन मरीजों का एक साल तक नियमित उपचार चलेगा इसके बाद कुष्ठ खत्म हो जाएगा। उक्त मरीजों से संक्रमण की संभावना को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों को भी निगरानी में लिया गया है। शेष 57 मरीजों में एक से लेकर पंाच तक दाग धब्बें पाए गए हैं। उनके उपचार में 6 माह का समय लगेगा। मरीजों नि:शुल्क दवाए शासन की ओर से ही उपलब्ध कराई जाएगी। 10 से 15 साल के दो ब"ाों में भी कुष्ठ की पहचान की गई है। सभी मरीजों की पहचान करने में सितंबर तक का समय लग सकता है। जिले में 123 मरीज पूर्वसे ही उपचार करा रहे हैं।

भिण्ड में मिले सबसे अधिक मरीज, रौन में सबसे कम : चर्म रोगियों की जांच के दौरान सबसे अधिक कुष्ठ रोगी भिण्ड में पाए गए है। भिण्ड और ग्रामीण में मिलाकर 21 कुष्ठ रोगी निकल कर आए हैं। जबकि रौन में सिर्फ 3 रोगियों में कुष्ठ की पहचान की गई है। इसी प्रकार लहार मेें 11,मेहगांव में 16, गोहद में 18, अटेर में 12 कुष्ठ रोगी पाए गए हैं।

बदनामी के डर से जांच कराने नहीं आ रहे हैं रोगी, बुलाने पर नहीं आते

चर्मरोग के नाम पर लोगों ने परीक्षण तो करा लिया है लेकिन अब कुष्ठ की जांच कराने के लिए बुलाने पर भी नहंी आ रहे। दलों की रिपोर्ट अनुसार विलाव, सोनी, छरैटा सहित एक दर्जन से अधिक गंाव में प्रथम दृष्टया रोगियों में कुष्ठ की पहचान कर ली गई है लेकिन वे लडऩें को तैयार है लेकिन जांच को नहीं आ रहे। ग्रामीणों को डर है कि कुष्ठ निकलने पर बदनामी हो सकती है। दलों ने अब अलग से इनका परीक्षण करने का निर्णय लिया है।

-अभी तक लगभग 40 फीसदी चर्म रोगियों का परीक्षण किया गया है इसमें 81 में कुष्ठ की पहचान की गई है। जो मरीजों को चिह्नित कर लिया है उनका निशुल्क उपचार भी शुरू कर दिया गया है। कई लोग सूचना देने के बाद भी परीक्षण कराने के लिए नहीं आ रहे उनकी भी कांउसङ्क्षलग कराई जा रही है। हमारें यहां कार्यकर्ताओं की कमी है।

डा. एसके व्यास जिला कुष्ठ अधिकारी भिण्ड