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बेइंतहा मोहब्बत के बाद भी छोड़ गई पत्नी तो बन गया ‘बेवफा चायवाला’, पत्नी को खाने में जो पसंद उनके नाम भी बेवफाई से जोड़े

आर्मी जवानों के लिए मुफ्त, प्रेमी जोड़ों को 20, प्यार में धोखा खाने खाए लोगों को 10 जबकि आम आदमी को 15 रुपए में देते हैं एक चाय  

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भिंड

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Hussain Ali

Dec 10, 2020

बेइंतहा मोहब्बत के बाद भी छोड़ गई पत्नी तो बन गया 'बेवफा चायवाला', पत्नी को खाने में जो पसंद उनके नाम भी बेवफाई से जोड़े

बेइंतहा मोहब्बत के बाद भी छोड़ गई पत्नी तो बन गया 'बेवफा चायवाला', पत्नी को खाने में जो पसंद उनके नाम भी बेवफाई से जोड़े

अब्दुल शरीफ @ भिण्ड. होना था जो हुआ, जो हुआ क्या बुरा हुआ। अच्छा ही हुआ टूट गया झूठा एतबार, अब किसका इंतजार अजी कैसा इंतजार। वो-वो ना रहे जिनके लिए हम थे बेकरार। प्रख्यात गीतकार अनजान की लिखी ये पंक्तियां मालनपुर में बेवफा चाय वाला नाम से स्टॉल संचालित कर रहे प्यार में चोट खाए उस युवक पर फब रहीं हैं जो प्यार में बेवफाई मिलने पर खुद को तबाह करने या जान देने के बजाए स्वयं को स्थापित कर युवाओं को जिंदगी की सीख दे रहे हैं।

हायर सेकंडरी के अलावा होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा धारक 25 वर्षीय दीपक परिहार पुत्र लोकेंद्र सिंह परिहार निवासी इटावा यूपी हाल मालनपुर भिण्ड ने पत्नी से मिली बेवफाई के बाद जीवन को नए अंदाज में ढालना शुरू कर दिया है। दरअसल दीपक सिंह परिहार अपनी पत्नी से बेइंतहा प्यार करते हैं। उनका मनाना है कि उसके बिना जीवन के कोई मायने नहीं। फिर भी पत्नी की बेवफाई से ईश्वर की दी हुई जिंदगी में भाइचारे और देश भक्ति का रंग भरने की कोशिश कर रहे हैं। दीपक बताते हैं कि उसने सच्चे मन से पत्नी को प्यार दिया, लेकिन हाई सोसायटी जैसा रहन-सहन नहीं दे पाने से वह उसे छोड़ गई। वह उसे आज भी अपने मन से अलग नहीं कर पाए हैं।

फौजी को मुफ्त चाय और प्रेमी जोड़े से वसूलते हैं महंगी दर

मालनपुर के एनएच 92 किनारे संचालित दीपक परिहार के स्टॉल पर देश की सरहदों पर सुरक्षा में तैनात किसी भी फौजी के लिए चाय का पैसा नहीं लिया जाता। वहीं आम ग्राहक के लिए चाय की दर 15 रुपए है, जबकि पे्रमी जोड़े से वह 20 रुपए वसूलते हैं। प्यार में धोखा खाए लोगों को 10 रुपए में चाय दे रहे हैं। प्रेमी जोड़ों को महंगी चाय देने के पीछे उनका मानना है कि प्यार किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति से करना चाहिए। प्यार के मद को दूर करने की गरज से वह ज्यादा कीमत वसूलते हैं। वहीं प्यार में चोट खाए लोगों को आम ग्राहक की दर से भी पांच रुपए कम इसलिए लेते हैं कि वह ऐसे लोगों को अपना हमनशीं मानते हैं।

ये है बेवफा चाय वाला बनने की कहानी

दरअसल दीपक परिहार ने ग्वालियर के गोला का मंदिर के निकट गोवर्धन कॉलोनी निवासी एक युवती से प्यार किया और उससे 30 जनवरी 2012 को शादी भी कर ली थी। शादी के बाद वह खुद को दुनिया का सबसे बड़ा खुशनसीब इंसान मान रहे थे, लेकिन हाई सोसायटी पसंद अपनी पत्नी को वह चकाचौंध नहीं दे पाए जो वह चाहती थी। जून 2019 में वह दीपक को छोड़कर चली गई।

बकवास मैगी और बदनाम कॉफी भी

बेवफा चाय वाला स्टॉल पर चाय के अलावा बकवास मैगी, बेइमान मैक्रॉनी, और बदनाम कॉफी जैसे नाम चाऊमीन, पानीपूरी, मोमोज तथा बर्गर के भी रखे गए हैं। बता दें कि दीपक की पत्नी को उपरोक्त फस्ट फूड बेहद पसंद थे।

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