
बाजरा की फसल 20 हजार और एक हजार हक्टेयर तिल की फसल बर्बाद
भिण्ड. खाद एवं बीज की किल्लत से जूझ रहे अन्नदाता के लिए बारिश ने संकट खड़ा कर दिया है। गुरुवार की रात 11 बजे से रुक-रुककर 12 घंटे तक हुई झमाझम बारिश से जिले भर में जहां एक हजार हेक्टेयर तिल की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं 20 हजार हेक्टेयर बाजरा की फसल भी नष्ट हो गई है। इसके अलावा रबी फसल के लिए सरसों की बोवनी भी एक सप्ताह पिछड़ गई है।
जिले भर में हुई बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। जिले में खरीफ फसल के रूप में बाजरा का रकबा करीब 70 हजार हेक्टेयर था। तिल की फसल छह हजार हेक्टेयर रकबे में की गई थी। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक लगभग 50 हजार हेक्टेयर रकबे की बाजरा फसल किसानों ने ले ली है। इसी प्रकार करीब पांच हजार हेक्टेयर तिल की फसल भी किसान खेतों से काटकर खलिहान से घर ले जा चुके हैं। ऐसे में 20 हजार हेक्टेयर रकबे में बाजरा एवं एक हजार हेक्टेयर रकबे में अभी तक खड़ी तिल की फसल को बीती रात से शुरू हुई लगातार बारिश ने बर्बाद कर दिया है।
2.23 लाख हेक्टेयर रकबे में पिछड़ी बोवनी
क्षेत्र के कृषकों के मुताबिक जिले भर में सरसों की फसल का रकबा सवा दो लाख हेक्टेयर है। जबकि गेहूं फसल का रकबा सवा लाख हेक्टेयर है। बेमौसम बरसात ने दो हजार हेक्टेयर जमीन की बोवनी नष्ट कर दी है। ऐसे में संबंधित किसानों का खाद तथा बीज के अलावा जुताई, बुवाई पर खर्च होने वाली धनराशि भी व्यर्थ चली गई है। वहीं दो लाख 23 हजार हेक्टयर में सरसों की बोवनी एक सप्ताह पिछड़ गई है।
&बेमौसम बारिश से सरसों की बोवनी पिछड़ गई है। ऐसे में यदि विलंब से बोवनी की गई तो पैदावार घट जाएगी। हालांकि किसान सरसों छोड$कर गेहूं फसल का रकबा बढ़ाएंगे।
शिवराज ङ्क्षसह यादव, उप संचालक कृषि भिण्ड
Published on:
08 Oct 2022 05:40 pm
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