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बाजार में पैर रखने की जगह नहीं और सूने पड़े हैं नपा के हॉकर्स जोन

हर घंटे शहर की सडक़ पर लग रहा है जाम, लोग हो रहे हंै परेशान

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भिंड

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Rajeev Goswami

Nov 03, 2019

बाजार में पैर रखने की जगह नहीं और सूने पड़े हैं नपा के हॉकर्स जोन

बाजार में पैर रखने की जगह नहीं और सूने पड़े हैं नपा के हॉकर्स जोन

भिण्ड. शहर के प्रमुख के बाजारों के मार्गाे पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है, जबकि नपा की ओर से चिह्नित हॉकर्स जोन सूने पड़े हैं। सडक़ के किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले हाथ ठेलोंं के कारण शहर की यातायात व्यवस्था भी अंतिम सांसे गिन रही है। प्रत्येक मार्ग पर हर घंटे जाम के हालात बन रहे हैं। एक किमी का रास्ता तय करने में ही कभी-कभी घंटो का समय लग जाता है।

हाथ ठेलो को व्यवस्थित करने के लिए नपा की ओर से कई बार कोशिश तो की गई लेकिन परवान नहीं चढ़ पाई। करीब 9 साल पहले नपा ने सदर बाजार, गोल मार्केट, हनुमान बजरिया, अटेर रोड संतोषी माता मंदिर, बतासा बाजार, स्टेशन रोड, बंगला बाजार, लश्कर रोड, इटावा रोड से हाथ ठेलों को शिफ्ट करने के लिए आधा दर्जन से अधिक हॉकर्स जोन चिह्नित किए थे। हाउसिंग कालोनी में शहीद चौक के पास, मेला ग्राउंड, गौरी रोड, जैन कालेज के पास स्थान चिह्नित कर नंबरिंग भी कर दी। हाथ ठेलों को उनके लिए चिह्नित किए गए स्थान पर ही खड़ा होना था।इसके बाद करीब दो साल पहले भी उक्त बाजारों से हाथ ठेलों को शिफ्ट करने की कोशिश प्रशासन के मध्यम से की गई। सदर बाजार के हॉकर्स के लिए व्यापार मंडल के पास नाले के किनारे शिफ्ट भी कर दिया गया। इसी प्रकार स्टेशन बाजार, लश्कर रोड के हॉकर्स को पुराने रेलवे स्टेशन पर स्थान चिह्नित कर दिया था। हाथ ठेला वाले 20 से 25 दिनों तक तो हॉकर्स जोन में रहे प्रशासन की ढील मिलते ही फिर बाजार में आ गए। त्योहारों के समय तो हाथठेलों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ जाती है। नपा क्षेत्र में हॉकर्स की संख्या ढाई हजार से अधिक है।

ट्रैफिक के दो दर्जन से अधिक प्वाइंट, बल में सिर्फ एक दर्जन जवान : शहर में ट्रैफिक के दो दर्जन से अधिक प्वाइंट है। इन पर आवश्यक रूप से पुलिस का जवान खड़ा होना चाहिए, लेकिन शहर में प्रतिदिन निकलने वाले 25 हजार से अधिक वाहनों को नियंत्रित करने के लिए टै्रफिक पुलिस पर एक दर्जन का बल है।

परेड चौराहा, इटावा चुंगी, लहार चुंगी, सुभाष तिराहे को छोड़ दिया जाए तो कहींं भी ैटैफिक पुलिस दिखाई नहीं देगी। जो जवान खड़े होते हैं उनकी भी कोई रूचि नहीं है। बदहाली का आलम यह है कि किसी चौराहे पर सिंग्नल की व्यवस्था नहीं है।

सडक़ के दोनों ओर खड़े हाथ ठेले, सिकुड जाती है सडक़ें

बाजार की प्रत्येक सडक़ पर दोनो और हाथ ठेला वालों और फडय़ा कारोबारियों द्वारा घेर लिए जाने तथा सडक़ के दोनों ही किनारोंं पर स्थानीय दुकानदारों द्वारा सामान रखकर अतिक्रमण कर लिए जाने व टूव्हीलर्स की पाॢक ग हो जाने से वाहन लेकर निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सुबह 7 से 8 बजे तक और दोपहर के समय 12 से एक बजे तक तथा शाम को 4 से 5 बजे के बीच सडक़ों पर बड़ी संख्या में स्कूली वाहनों के आ जाने से यातायाता व्यवस्था भी ठप हो जाती है। कभी-कभी तो एंबुलेस वाहन भी जाम में फंसे रहते हंै।

-बाजार के मार्गाे पर हॉकर्स के कारण यातायाता व्यवस्था प्रभावित है। नपा को हम कई बार व्यवस्था बनाने के लिए लिख चुके हैं। नपा के सहयोग के बिना सुधार संभव नहीं है।

नीरज शर्मा ट्रैफिक प्रभारी भिण्ड

-हम संतोषी माता मंदिर से राजहोली तक कवर्ड नाले पर हॉकर्स जोन बना रहे हैं। जैन कालेज के सामने पहले ही हॉकर्स जोन है। दो माह के भीतर अधिकांश हॉकर्स को शिफ्ट कर दिया जाएगा।

सुरेंद्र शर्मा सीएमओ नपा भिण्ड