
भिण्ड. भिण्ड में अब मूकबधिर, नेत्रहीन एवं मंदबुद्धि बालक-बालिकाओंं के लिए राज्य सरकार विशेष आवासीय स्कूल खोलने जा रही है। जिला प्रशासन ने भवन निर्माण के लिए साल भर पहले जमीन आवंटित कर दी है, लेकिन तहसीलदार भिण्ड द्वारा उसका सीमांकन एवं जमीन की सुपुर्दगी सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग को न करने के कारण भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। स्पर्श योजना के तहत सामाजिक न्याय विभाग इन विशेष आवासीय विद्यालयों का निर्माण हर उस जिले में करा रहा है, जहां पहले से ये विद्यालय नहीं हैं।
सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव वीरेन्द्रकुमार बाथम ने १७ जनवरी २०१७ को कलेक्टर भिण्ड को लिखे एक पत्र क्रमांक ९८/२०१७/२६-२ के माध्यम से भिण्ड जिले में मूक, बधिर, दृष्टि बाधित (नेत्रहीन) एवं मंदबुद्धि बालक बालिकाओं की कक्षा एक से ८वीं तक की शिक्षा के लिए एक विशेष आवासीय विद्यालय (स्पर्श) खोले जाने की स्वीकृति दी है तथा लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई पीआईयू भिण्ड को निर्माण एजेंसी बनाया है।
कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए जनवरी २०१७ में ही ग्राम पंचायत डिड़ी की शासकीय चरनोई सर्वे नंबर ८२७/२ रकबा २.० हेक्टेयर, सर्वे नंबर ८२८ रकबा ३.२ हेक्टेयर तथा नंबर १७१८/२ रकबा ३.१० हेक्टेयर, कुल रकबा ८.४५ हेक्टेयर एवं बीहड़ भूमि सर्वे नंबर ८३७ रकबा १.०५ हेक्टेयर कुल ४, कुल रकबा ९.०५ हेक्टेयर जमीन को आबादी भूमि घोषित करते हुए उसे प्रस्तावित विशेष आवासीय विद्यालय के लिए आवंटित कर दिया। इस आवंटन पत्र में उन्होंने तहसीलदार भिण्ड को संबंधित भूमि का तत्काल सीमांकन करने एवं आवंटी विभाग को उसका कब्जा सौंपने के निर्देश भी दिए थे।
९५ कमरों का बहुमंजिला होगा स्कूल भवन
प्रस्तावित आवासीय स्कूल भवन बहुमंजिला होगा, जिसमें ९५ कमरे होंगे। लगभग ३१०० तथा ३१०० वर्गमीटर क्षेत्रफल में क्रमश: मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बालक बालिकाओं के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनेंगे एवं २९०० वर्गमीटर क्षेत्रफल मेें मंदबुद्धि बच्चों के लिए पृथक ब्लॉक का निर्माण होगा। लगभग ६१०० वर्ग मीटर में प्रथम तलपर हॉस्टल (छात्रावास) बनेगा, ६९०० वर्गमीटर में भूतल पर स्कूल भवन बनेगा। इसके अलावा लगभग ११०० वर्गमीटर क्षेत्रफल में बच्चों के मनोरंजन के लिए ओपन एयर थियेटर, १२०० वर्गमीटर में ऑडीटोरियम एवं ९५० वर्गमीटर में डाइनिंग हॉल का निर्माण होगा।
१२ माह में ६ पत्र, फिर भी नहीं हुआ सीमांकन
सीईओ जिला पंचायत भिण्ड द्वारा तहसीलदार भिण्ड को जमीन का सीमांकन शीघ्र कराए जाने के लिए पिछले एक साल में कुल ६ पत्र लिखे जा चुके हैं। दिनांक २७ दिसंबर २०१७ को लिखे गए अति महत्वपूर्ण पत्र क्रमांक १०१६/२०१७ में दो दिन के भीतर आवंटित भूमि का सीमांकन व नामांतरण कर तत्संबंधी जानकारी सामाजिक न्याय विभाग को भेजते हुए कार्यपालन यंत्री लोनिवि पीआईयू को अवगत करावें। पत्र में उल्लेखित किया गया है कि भूमि का नामांतरण, सीमांकन अब तक न किए जाने से विशेष विद्यालय भवन का प्लान, मानचित्र एवं डीपीआर तैयार नहीं हो पाने से राज्य शासन को अनुदान हेतु प्रस्ताव नहीं जा पा रहा है।
सामाजिक न्याय विभाग की योजनानुसार प्रदेश के हर जिले में दिव्यांगों के लिए विशेष आवासीय विद्यालय भवन निर्माण होना है। जिला मुख्यालय पर भी यह विद्यालय स्वीकृत है। तहसील कार्यालय में एक साल से जमीन के सीमांकन का मामला अटका है जिससे भवन की डीपीआर नहीं बनी।
पंकजसिंह परिहार, जिला परियोजना यंत्री, पीआईयू लोनिवि खण्ड भिण्ड
दिव्यांगों के विशेष आवासीय स्कूल भवन के लिए आवंटित जमीन के सीमांकन में क्या अड़चनें हैं, इसकी जानकारी ली जाकर सीमांकन कराया जाएगा।
डॉ इलैयाराजा टी, कलेक्टर भिण्ड
Published on:
04 Feb 2018 11:32 pm
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