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ऐसा अनशन की सिविल सर्जन पहुंचे जांच को

काम पर न लौटने पर बर्खाश्त करने की धमकी

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भिंड

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monu sahu

Apr 24, 2018

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भिण्ड. नियमितीकरण की मांग को लेकर सोमवार को तीसरे दिन भी आशा,ऊषा, सहायिकाओं की भूख हड़ताल जारी रही। इस दौरान दो कार्यकर्ताओं की हालात बिगड़ गई। मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर इलैया राजाटी के निर्देश पर देर शाम को सिविल सर्जन अजीत मिश्रा कार्यकर्ता का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंचे।

फूप, गोहद के बीएमओ ने दो दिन में काम पर न लौटने पर पद से पृथक करने की चेतावनी दी है। आशा, ऊषा पिछले २० मार्च से हड़ताल पर हैं। सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठी बिट्टी बघेल तथा ऊषा नरवरिया की हालत बिगडऩे लगी है। इस दौरान जिला अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव ने आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को अवगत कराया। सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठने वालों में कमलेश भदौरिया, भूरी शर्मा, लक्ष्मी भदौरिया, संतोषी भदौरिया, सुषमा भदौरिया, शशि तोमर, कविता शर्मा, मनीषा सिकरवार, विसुना चौहान, ममता राजावत, रानी चौहान आदि प्रमुख हैं।

उपचार को पहुंचे सिविल सर्जन

पिछले 21 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठी 4 महिलाओं में एक की हालत गंभीर इसका नाम आशाकर्ता बिटटी देवी बताया गया है कलेक्टर के निर्देशन पर उसका परीक्षण करने पहुंचे सिविल सर्जन अजीत मिश्रा


सीवर लाइन निर्माण मेंं गड़बड़ी, की शिकायत

भिण्ड. सीवर लाइन के प्रथम चरण में निर्माण कार्य के दौरान सामने आई गड़बडिय़ों को लेकर नेता प्रतिपक्ष आशा रतनचंद्र जैन ने नपा में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में ठेकेदार के भुगतान लेकर भागने की भी आशंका जताई गई है। इससे पहले एसडीएम और नपा अध्यक्षा के दौर में भी अनियमितताएं सामने आई थी।

जैन ने शिकायत में कहा है कि पाइप लाइन चार फीट नीचे डाली जा रही है, जबकि १० फीट गहराई में डाली जानी चाहिए ताकि मकानों का ड्रेनेज आसानी से निकल सकें। पाइप एस्टीमेट के अनुसार बिना समुचित मोटाईके सीसी का वैस बनाए मिट्टी में डाले जा रहे हैं। पाइप लाइन घटिया स्तर के डाले जा रहे हैं जो हैंडलिंग के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। पाइपों को रिंग फंसाकर नहीं जोड़ा जा रहा है। वहीं चैंबर के निर्माण में घटिया स्तर की ईंट का उपयोग हो रहा है। सुभाष तिराहे से इंदिरा गांधी तक सीवर का काम पहले किया जाए। जैन ने बताया कि जनसामान्य को सीवर की जानकारी देने के लिए जगह-जगह डीपीआर के साइन बोर्ड लगाए जाएं। कार्य के दौरान टूटी पानी, टेलीफोन की लाइनों को तत्काल जोड़ा जाए। कार्य संतोषजनक होने तक कंपनी का भुगतान रोका जाए। भुगतान होता है तो सीएमओ और नपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जाए। शिकायत की प्रति सीएस, पीएस, आयुक्त चंबल, सीएमओ, कलेक्टर को भी दिया गया है।