
उद्योग क्षेत्र में वायु प्रदूषण की अधिकता, यहां सघन वन क्षेत्र और हरियाली बहुत जरूरी
भिवाड़ी. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गत वर्ष बारिश में किए गए पौधारोपण की पड़ताल की गई। भिवाड़ी में काली खोली स्थित बाबा मोहनराम परिक्रमा मार्ग पर नगर वन में एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए। नगर वन द्वितीय में जाकर पत्रिका ने गुरुवार को हालाल देखे, यहां पर प्रशासन ने बहुत जोर-जोर से निजी कंपनियों के सहयोग से पौधारोपण कराया था लेकिन अब स्थिति वही है, जिसकी उम्मीद नहीं थी। पौधे देखभाल और पानी के अभाव में नष्ट हो चुके हैं और उनके स्थान पर झाडिय़ां उग रही हैं। यहां पर प्रशासन ने निजी कंपनियों को पौधारोपण का लक्ष्य दिया था, पौधे भी लगाए गए लेकिन बाद में सारसंभाल में विफल होने की वजह से पौधे लगने के बाद सूख गए। नगर परिषद में केंद्रीय मंत्री, प्रदेश मंत्री, जन प्रतिनिधि और सेना अधिकारी की पत्नी ने पौधारोपण किया। यहां पर पौधारोपण करने का उद्देश्य बाबा मोहनराम परिक्रमा मार्ग को हराभरा करने के साथ सघन हरियाली विकसित करना था जिससे कि भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र में ग्रीन लंग्स के रूप में उक्त क्षेत्र की पहचान बन सके।
नगर वन में पौधारोपण करने के बाद हजारों पौधों को पॉलिथिन में ही मौके पर छोड़ दिया गया, उन्हें जमीन में रोपा नहीं गया, जिसकी वजह से पौधे नष्ट हो गए। इसका खुलासा होने के बाद प्रशासन ने उक्त पौधों को मौके से हटा दिया। जब तक पौधों को हटाया गया, तब तक कई महीने बीत गए, जिससे पौधे नष्ट हो गए।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर बड़ी संख्या में कंपनियों की चिमनी से धुंआ निकलता है जिससे वायु प्रदूषण होता है। उक्त वायु प्रदूषण को कम करने और आमजन को स्वच्छ हवा सांस लेने के लिए मिले, इसके लिए नगर वन की कल्पना की गई थी। नगर वन से बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन मिलती। औद्योगिक क्षेत्र के बीच में सघन पौधारोपण और हरियाली होने से आमजन के साथ पशु पक्षी और वातावरण के लिए अनुकूलन रहता।
नगर वन में एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए, नगर वन प्रथम में शत प्रतिशत पौधे जीवित हैं। नगर वन द्वितीय में सिंचाई का इंतजाम नहीं होने से पौधे नष्ट हुए हैं, उनकी जगह दूसरे पौध लगाए जाएंगे, सिंचाई का इंतजाम किया जाएगा।
अमित जुयाल, आरओ, आरपीसीबी
अजमेर मलिक बताते कि 12 साल पहले पौधारोपण शुरू किया था। इसकी प्रेरणा गोशाला में गोवंश को धूप में खड़ा देखकर मिली। तब मैंने पौधारोपण की शुरुआत की। मैं अमर पेड़ बरगद, पीपल, नीम, पिलखन लगाता हूं, इन पेड़ की उम्र बहुत अधिक होती है। एक बार लगाने पर कई पीढ़ी छाया लेती हैं और पर्यावरण के लिए बहुत अच्छे होते हैं, दिनरात ऑक्सीजन का प्रवाह करते हैं। देशभर में पेड़ लगाए हैं। हमारा नारा है सांसें हो रही कम, आओ पेड़ लगाकर पालें हम। अभी हमारे समूह में करीब छह सौ सदस्य हैं और हजारों लोगों और सैकड़ों संस्थाओं के साथ मिलकर पौधारोपण कर चुके हैं। निजी कंपनी में शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं लेकिन पौधारोपण के लिए मॉर्निंग वॉक पेड़ों के साथ करते हैं, जिससे पेड़ लगाने के साथ उनकी देखभाल भी हो सके।
Updated on:
05 Jun 2026 06:50 pm
Published on:
05 Jun 2026 06:50 pm
