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प्रदूषण की गिरफ्त में एनसीआर, प्रशासन-सरकार के तमाम प्रयास हो रहे ‘बेकार‘

देश की राजधानी दिल्ली से जुड़े एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में लगातार आ रही गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही। ज्यों-ज्यों गुलाबी सर्दी और कडक़ होने लगी है, वायु में घुला जहर साफ नजर आने लगा है।

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 एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में लगातार आ रही गिरावट

भिवाड़ी. एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में लगातार आ रही गिरावट

भिवाड़ी. एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में लगातार आ रही गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। ज्यों-ज्यों गुलाबी सर्दी कडक़ होने लगी है, क्षेत्र की वायु में घुला जहर भी धुंध के रूप में साफ नजर आने लगा है। यह सरकार साहित उसके नुमाइंदों की चिंता बढ़ाने वाला तो है ही, आमजन की सेहत व स्वास्थ्य के लिए भी घातक बनता जा रहा है। हालांकि सरकार व प्रशासन की ओर से कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन एनसीआर में तमाम प्रयास बेअसर साबित होते नजर आ रहे हैं। हालात यह है कि औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में एक्यूआई 357 और दिल्ली में 400 तक पहुंच गया है। जिसे देखते हुए अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग नई दिल्ली ने शनिवार से ग्रेप का तीसरा चरण लागू किया है।


एनसीआर प्रदूषण की गिरफ्त में अभी से आ गया है। जिसकी वजह से सुबह-शाम की स्थिति तो दूर की बात है, दोपहर के समय भी धुंध जैसा वातावरण हो रहा है। आरपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग नई दिल्ली ने प्रथम और द्वितीय चरण की पाबंदियों को सख्ती से लागू करने सहित गाइड लाइन भी जारी की है। जिसके तहत रीको, बीडा, प्रदूषण मंडल, नगर परिषद, हाउसिंग बोर्ड की टीम ने चार जगहों पर निर्माण गतिविधियों को रुकवाया और जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा रोड पर मशीन से सफाई, प्रमुख सडक़-चौराहों पर दिनभर नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव, निर्माण गतिविधियों पर कुछ प्रोजेक्ट को छोडक़र पूरी तरह से रोक लगा दी है। ऐसी निर्माण गतिविधियां, जिसमें मिट्टी उड़ती हो, उस पर भी पाबंदी लगाई है। इसके अलावा उद्योग का संचालन सिर्फ स्वच्छ ईंधन पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। ईंट-भट्टे और हॉटमिक्स प्लांट का संचालन स्वच्छ ईंधन पर ही होगा। स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।


बेवजह परिवहन पर भी रोक
इसके अलावा लोक परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने, पीक और नॉन पीक हॉवर के समय के किराए में अंतर करने जैसे कदम भी उठाए गए है, ताकि बेवजह परिवहन न हो। बीएस थ्री पेट्रोल एवं बीएस फॉर डीजल के हल्के चौपहिया वाहनों पर राज्य सरकार प्रतिबंध लगा सकती है। आमजन से अपील की है कि आवागमन में वाहनों को साझा करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। साइकिल का ज्यादा उपयोग व और पैदल चले, जो घर से काम कर सकते हैं, वे घर से काम करने का प्रयास करें। कोयला और लकड़ी नहीं जलाएं। घर और सोसायटी के सिक्योरिटी स्टाफ को रात के समय जरूरत अनुसार ठंड से बचाव के लिए बिजली हीटर उपलब्ध कराए। ग्रेप के प्रावधानों की अवहेलना करने पर आरपीसीबी ने सात इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए थे। 21 अक्टूबर को दिए गए आदेशों की पालन में शनिवार को विद्युत निगम की ओर से बिजली कनेक्शन विच्छेद कर दिए गए।