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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट: राजस्थान के इन 16 शहरों की DPR एक साथ बनेगी, 900 करोड़ से बदल जाएगी तस्वीर

Rajasthan Smart City Project: राजस्थान के चयनित सभी 16 शहरों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साथ तैयार कराने का निर्णय लिया गया है।

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Rajasthan Smart City Project

राजस्थान के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर आया बड़ा अपडेट। फोटो: पत्रिका

Rajasthan Smart City Update: औद्योगिक नगरी भिवाड़ी को स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड सेक्टर कॉरपोरेशन (रुडिसको) में आयोजित बैठक में प्रदेश के चयनित सभी 16 शहरों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साथ तैयार कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक ही टेंडर जारी किया जाएगा। भिवाड़ी में प्रस्तावित विकास कार्यों से जुड़ी समस्त जानकारी रुडिसको को उपलब्ध करा दी गई है।

चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राज्य सरकार ने केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर राजस्थान के 16 शहरों को विकसित करने के लिए 900 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। इस राशि से आगामी तीन वर्षों में इन शहरों को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। भिवाड़ी भी इस सूची में शामिल है। गत वर्ष 19 फरवरी को बजट पेश होने के करीब 11 माह बाद अब इस घोषणा को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

राजस्थान के ये 16 शहर बनेंगे स्मार्ट सिटी

स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में भिवाड़ी सहित बूंदी, नाथद्वारा, खाटूश्यामजी, माउंट आबू, बालोतरा, भरतपुर, बीकानेर, सवाईमाधोपुर, अलवर, जोधपुर, जैसलमेर, किशनगढ़, पुष्कर, भीलवाड़ा, मंडावा शहर शामिल हैं।

स्थानीय स्तर पर तैयारी पूरी

गत माह नगर परिषद स्तर पर प्रारंभिक तैयारियों के बाद रुडिसको के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर निगम को सौंपी गई। अब डीपीआर निर्माण की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी को दी जाएगी, जिसमें नगर परिषद के अधिकारी तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग करेंगे।

स्मार्ट सिटी से बदलेगी तस्वीर

स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। इसमें सेंसर आधारित जलापूर्ति व्यवस्था से लीकेज और अपव्यय पर नियंत्रण, स्मार्ट ग्रिड व स्मार्ट लाइटिंग के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण, स्वचालित कचरा प्रबंधन प्रणाली, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से यातायात नियंत्रण, स्मार्ट पार्किंग और सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन शामिल हैं।

ई-गवर्नेंस के जरिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी और आईओटी सेंसर लगाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के तहत वायु गुणवत्ता की निगरानी, प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्रों का विस्तार भी योजना का हिस्सा रहेगा।

भिवाड़ी के लिए अहम योजना

पिछले कुछ वर्षों में भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के समीप होने तथा एनसीआर में शामिल होने के बावजूद यहां विकास का मॉडल अन्य एनसीआर शहरों की तुलना में पिछड़ा माना जाता है। यदि समय रहते योजनाबद्ध सुधार किए जाएं और भिवाड़ी को गुरुग्राम की काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में विकसित किया जाए, तो भविष्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।

इनका कहना है

स्मार्ट सिटी की डीपीआर रुडिसको के माध्यम से तैयार कराई जाएगी। इसके लिए आवश्यक सूचनाएं, प्रस्तावित विकास कार्यों के रूट और अन्य तकनीकी विवरण पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मुकेश चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद