
जीएसएस की कमी और एक की फीडर पर ग्रामीण क्षेत्र होने से परेशानी
भिवाड़ी. खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (केकेआइए) के उद्यमियों ने बुधवार को विद्युत निगम अधीक्षण अभियंता के साथ बैठक की। नीलम चौक स्थित कार्यालय में हुई बैठक में खुशखेड़ा, सलारपुर औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति और अवसंरचना की गंभीर कमी पर चिंता व्यक्त की गई। अध्यक्ष प्रदीप दायमा ने बताया कि वर्तमान में इन क्षेत्रों की उद्योग इकाइयां बिजली बाधित होने की समस्या से जूझ रही हैं, जबकि उद्योग संचालन के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। औद्योगिक क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था सिर्फ दो 33 केवी सब-स्टेशनों पर निर्भर है, जो बढ़ती औद्योगिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। स्थिति जटिल बनती जा रही हैं। गैस की कमी, पांच महीने तक लागू रहने वाली ग्रेप की पाबंदी से उद्योगों में उत्पादन करना मुश्किल हो रहा है। सलारपुर क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, अभी तक वहां पर्याप्त विद्युत ढांचा विकसित नहीं किया गया है, जिससे मौजूदा प्रणाली पर अत्यधिक दबाव बन गया है। पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद, प्रस्तावित टोय जोन सब-स्टेशन अभी तक चालू नहीं हो पाया है, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था बार-बार प्रभावित हो रही है। फीडर नंबर एक होंडा चौक पर उद्यमियों ने लंबी व पुरानी लाइन और इसी लाइन पर ग्रामीण क्षेत्र जुड़ा होने का मुद्दा भी रखा। रोजाना दर्जनों बार बिजली ट्रिपिंग फॉल्ट होने से निरंतर प्रोसेसिंग उद्योग को बहुत नुकसान हो रहा है। एसई जेपी बैरवा ने दस दिन में टॉय जोन जीएसएस से बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया। फीडर नंबर एक को भी टॉय जोन जीएसएस से जोडऩे और ग्रामीण क्षेत्र को अलग करने के बारे में बताया। बैठक में आनंद अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, रजनीश गोयल, राजेन्द्र यादव, दीपक बंसल, देवेन्द्र मौजूद रहे।
Published on:
26 Mar 2026 06:09 pm
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