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नींबू मिर्ची के बाद अब टमाटर हुआ लाल, 60 से 80 रुपए किलो हुए दाम

महंगाई ने बिगाडा रसोई का बजट, गैस सिलेंडर, तेल , सब्जियां सब हुए महंगे अलवर. एक माह पहले तक नींबू और मिर्ची के भाव आसमान थे, नींबू तीन सौ रुपए किलो बिक रहा था, वहीं अब तेज गर्मी के चलते टमाटर के भाव अचानक महंगे होने से वह आदमी की पहुंच से दूर हो गया है। अलवर की सब्जी मंडी में पिछले तीन दिनों में टमाटर 60 से 80 रुपए किलो बिक रहा है।

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नींबू मिर्ची के बाद अब टमाटर हुआ लाल, 60 से 80 रुपए किलो हुए दाम

नींबू मिर्ची के बाद अब टमाटर हुआ लाल, 60 से 80 रुपए किलो हुए दाम

भीषण गर्मी से सीजनल सब्जियां भी महंगी होने से आम आदमी की खरीद से बाहर हो गई है।टमाटर के भाव सुनते ही लोग आगे बढ जाते हैं। वहीं खाद्य तेल और गैस सिलेंडर पहले ही मंहेग हो गए हैं। इन सभी के महंगे होने से रसोई का बजट पूरी तरह से चरमरा गया है,मजबूरन जरूरी चीजों में कटौती करनी पड रही है।

घंटाघर सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेता दिनेश सैनी ने बताया कि खेतों में लगी टमाटर की फसल गर्मी से खराब हो गई है, इसलिए दाम बढ़ गए हैं। अब नींबू की तरह टमाटर भी कुछ ही दुकानों पर नजर आ रहा है। यदि इसी तरह से गर्मी रही तो आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतें और बढ़ सकती हैं। टमाटर के साथ पुदीना 80 और नींबू डेढ सौ रुपए किलो बिक रहा है।

सब्जियां रिटेल भाव प्रति किलो

आलू 25

प्याज 20

भिंडी 30

बैँगन 20

टिंडे 50

शिमला मिर्च 30

ग्वार फली 30

कैरी 40

तोरई 30

पुदीना 80

अरबी 40

करेला 30

ककडी 40

खीरा 40

अदरक 40

धनिया 60

महिलाओं से बातचीत

रामनगर निवासी सरोज मल्होत्रा ने कहा कि गैस सिलेंडर, सरसों का तेल पहले ही महंगा हो गया है , इसलिए रोज रोज बनने वाले पकवान बनाना बंद कर दिया है। जो पेट भरने के लिए जरूरी है वहीं रसोई में पक रहा है। अब टमाटर भी महंगा हो गया है, बिना टमाटर के कोई सब्जी अच्छी नहीं लगती। लेकिन टमाटर महंगे होेने से कई दिनों से खरीदे ही नहीं है। सब्जी का स्वाद ही खराब हो गया है।

लाल डिग्गी निवासी संगीता तिवाडी ने कहा कि महंगाई इतनी हो गई है कि अब कुछ खाने बनाने का मन ही नहीं करता। गैस सिलेंडर एक हजार से ज्यादा का है, तेल दौ सौ रुपए तक हो गया है। अब तो यही सोच रहे हैं कि गैस सिलेंडर कम खर्च हो, तेल की खपत कम हो इसलिए पापड, अचार कुछ नही डाला बाजार से खरीद रहे हैं।
अंजू जैन ने कहा कि महंगाई हर दिन बढ़ती जा रही है लेकिन प्राइवेट कर्मचारियों का वेतन उतना ही है। आज पेट्रोल, गैस, तेल, गेंहू सब के भाव तीन गुना हो गए हैं। साठ रुपए किलो टमाटर खाने की बजाय अमचूर से काम चला रहे हैं। बाहर खाने की बजाय घर पर ही कुछ बना लेते हैं।अंजू जैन, अलवर शहर