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लगातार बिगड़ रही अबोहवा, जिम्मेदारों को नहीं परवाह

बढ़ते प्रदूषण से वायु मंडल में छा रही स्मॉग की चादर। दमा पीडि़तों, बुजुर्गों व बच्चों को श्वास लेने में होने लगी तकलीफ।

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 क्षेत्र में छाया स्मॉग

रेवाड़ी. क्षेत्र में छाया स्मॉग।

भिवाड़ी/धारूहेड़ा/रेवाड़ी. क्षेत्र में लगातार प्रदूषण की चादर ने लोगों की सांसें फुला रखी है। एक पखवाड़े से भी अधिक समय से राजस्थान के भिवाड़ी, पड़ोसी राज्य हरियाणा के धारूहेड़ा, रेवाड़ी सहित एनसीआर की अबोहवा प्रदूषित बनी हुई है। धारूहेड़ा में प्रदूषण का स्तर जहां 406 और रेवाड़ी का एक्यूआई 400 तक पहुंच गया है। यह वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। प्रशासन ने प्रदूषण का ओरेंज और रेड अलर्ट तक घोषित कर दिया है।


सूत्रों के अनुसार कस्बे की वायु में पीएम 10 व पीएम 2.5 कण प्रदूषण की अधिकता पाई गई। साथ ही कार्बन मोनाऑक्साइड गैस की मात्रा भी बढ़ी हुई है। यह वही गैस है, जो सीवर में पाई जाती है। इतने प्रदूषण के लिए पराली ही एक कारण नहीं, बल्कि अन्य माध्यमों से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। पीएम 10 व पीएम 2.5 के अधिक होने पर स्मॉग बनता है। इतने प्रदूषण से अधिकांश शहरों में स्मॉग की चादर देखी जा रही है और लोग बीमार भी होने लगे हंै। इस प्रदूषण में सबसे अधिक घातक पीएम 2.5 (पर्टिकुलेट मेटर या कण प्रदूषण) के कण है, जो निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, कूड़ा व पराली जलाने से ज्यादा बढ़ते है। जब इन कणों का स्तर वायु में बढ़ जाता है तो सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन आदि की परेशानी होने लगती है।

कार्रवाई के नाम पर चुप्पी
कस्बे में जगह-जगह बिडिलंग मेटेरियल खुले में पड़ा नजर आ रहा है। इसके अलावा सडक़ों से भी दिनभर धूल उड़ रही है। आरोप है कि प्रदूषण डेंजर होने के बावजूद हरियाणा प्रदूषण विभाग गंभीर नहीं है। लगातार दो सप्ताह अर्थात 15 दिन से प्रदूषण का स्तर पर खराब होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


रेवाड़ी की वायु भी हुई बेहद खराब
दिल्ली व गुडग़ांव के साथ रेवाड़ी की वायु भी बेहद खराब हो चुकी है। रेवाड़ी की वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 का आंकड़ा पार कर गया है। जिससे बुजुर्गों व छोटे बच्चों को श्वास लेने में दिक्कत होने लगी है। दमा व दिल की बीमारियों से ग्रस्ति रोगियों की भी सांसें फूल रही हैं। जिले में चारों ओर प्रदूषित स्मॉग छाया हुआ है। इस प्रदूषित वातावरण से बचने के लिए लोगों को बरसात का इंतजार है। गौरतलब है कि कुछ सालों से दीपावली के कुछ समय बाद दिल्ली, गुडगांव व बड़े शहरों में प्रदूषित हवा स्मॉग बनकर कई दिनों तक छाई रहती है। इस बार भी दीपावली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की थी। जिसका धुआं उस समय तो हवा में घुल गया, लेकिन वह धुआं धीरे-धीरे एकत्रित होकर स्मॉग बन गया और अब दिल्ली, गुडग़ांव के साथ-साथ रेवाड़ी को भी चपेट में ले रखा है। रेवाड़ी में भी चार दिन से प्रदूषित स्मॉग छाया हुआ है।


सांस, खरास व एलर्जी के बढ़े मरीज
प्रदूषित स्मॉग ने लोगों को बीमार करना शुरू कर दिया है। लोगों को श्वास लेने में दिक्कत के साथ गले में खरास, आंख व नाक में जलन की समस्या ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। प्रदूषित स्मॉग से बचने के लिए चिकित्सकों ने मास्क व चश्मा लगाने की सलाह दी है और अपील की है कि बेवजह वाहन लेकर सडक़ों व बाजारों में न निकले। साफ पानी से आंखों को साफ करते रहे। चिकित्सकों की सलाह पर ही आंखों में दवा डाले। प्रदूषित स्मॉग से राहत के लिए लोगों को बरसात का इंतजार है। हालांकि मौसम विभाग की ओर से भी कुछ दिनों में हल्की बरसात की आशंका बताई जा रही है।