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इस बार उम्मीद 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा 76 करोड़ का प्रोजेक्ट

बार-बार प्रोजेक्ट की अवधि बढ़ी, जनता को सहूलियत नहीं मिली

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इस बार उम्मीद 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा 76 करोड़ का प्रोजेक्ट

इस बार उम्मीद 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा 76 करोड़ का प्रोजेक्ट

भिवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्र में करीब दस साल से चल रहे पेयजल प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि 30 अक्टूबर है। निर्माण पूरा नहीं होने पर एजेंसी को छह महीने का समय दिया जाता है। इस तरह 15 बार से अधिक समय अवधि को बढ़ाया जा चुका है। जलदाय विभाग ने अभी तक इस प्रोजेक्ट के तहत 7500 घरों में नल से कनेक्शन कर पानी पहुंचा दिया है जबकि 15 हजार घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
जलदाय विभाग ने भिवाड़ी क्षेत्र को 22 जोन में बांटा हुआ है, जिसमें से गांधी कुटीर, यूआईटी सेक्टर एक, दो, दो ए, तीन, पांच, छह, आठ, नौ, खिदरपुर, गोधान, बिलाहेड़ी, शाहड़ौद, कहरानी, मुंडाना मेव, हरचंदपुर और रामपुरा उदयपुर में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। भगत ङ्क्षसह कॉलोनी में बीडा से मिले पुराने सिस्टम से आपूर्ति हो रही है। नए सिस्टम से कनेक्शन देना शुरू हो गया है। कनेक्शन १५ दिन में पूरे होने के बाद जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। आरएचबी सेक्टर एक, दो, तीन, घटाल गांव के लिए टंकी का निर्माण हो रहा है, इसे पूरा होने में १५ अक्टूबर तक का समय लगेगा। इसके बाद कनेक्शन दिए जाएंगे। नंगलिया, आलमपुर, मिलकपुर, शाहड़ौद और सैदपुर में सारा सिस्टम तैयार लेकिन स्थानीय जन कनेक्शन लेने में रुचि नहीं ले रहे। हर गांव में पांच-छह फाइल आई हैं। भिवाड़ी गांव में बोरिंग से नई पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति हो रही है। यहां रोड निर्माण की वजह से पाइपलाइन छतिग्रस्त हो गई है, इसलिए छतिग्रस्त लाइन को दुरस्त करने में 15 दिन का समय लगेगा। खानपुर में जलापूर्ति के लिए टंकी से मुख्य लाइन को जोडऩे के लिए बीच में एक लाइन का हिस्सा बचा हुआ है। खिजूरीबास में कनेक्शन नहीं हुए हैं अन्य काम हो चुके हैं।
जलदाय विभाग क्षेत्र में 76 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट को लेकर 2013 से काम कर रहा है। योजना के तहत 19 आकाशीय टंकी निर्मित होनी है जिसमें से 17 का निर्माण हो चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) प्रोजेक्ट में 60.64 और अमृत योजना के तहत 15.78 रुपए के काम चल रहे हैं। दोनों प्रोजेक्ट में अभी तक निर्माण एजेंसी को 63 करोड़ का भुगतान हो चुका है। एनसीआरपीबी में 58 करोड़ के काम हो चुके हैं। अमृत में सभी काम हो चुके हैं। आवासन मंडल सेक्टर दो कोर्ट परिसर के पास जो टंकी धराशायी हुई थी, उसकी जगह नए चिन्हित स्थल पर भी टंकी निर्माण शुरू हो चुका है। एनसीआरपीबी प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ जिसके कार्यादेश 2016 में जारी किए गए। वहीं अमृत योजना के कार्यादेश 2017 में जारी किए गए। योजना के तहत करीब 15 हजार कनेक्शन होने हैं, योजना का उद्देश्य 2044 तक 1.76 लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति करना है। नए सिस्टम से जिन क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू हुई है वहां पर सुबह शाम एक-एक घंटे की आपूर्ति दी जा रही है।
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प्रोजेक्ट के सभी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। निर्माण के साथ एजेंसी को भुगतान भी हो चुका है।
विकास मीना, एक्सईएन, जलदाय विभाग