
tumor operation
भोपाल । राजधानी के हमीदिया अस्पताल में गुरुवार को करीब चार घंटे के ऑपरेशन के बाद 10 किलो का ट्यूमर निकाला गया। जानकारी के मुताबिक अशोकागार्डन निवासी अनीता बाई को करीब दो साल से पैर में तकलीफ थी। जांघ में बड़ी गांठ होने से वह चलने फिरने से भी लाचार हो गई थीं। महिला को हमीदिया में भर्ती कराने के बाद जांच में 50 सेंटीमीटर की गठान दिखी।
महिला के टेस्ट कराए गए तो इससे भी बड़ा ट्यूमर समझ आया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर इसे निकालने की तैयारी शुरू और गुरुवार को ऑपरेशन किया गया। करीब चार घंटे चले ऑपरेशन के बाद 10 किलो वजन के ट्यूमर को दो हिस्सों में काटकर जांघ से निकाला गया।
जांघ से निकला सबसे बड़ा ट्यूमर
ऑपरेशन टीम में शामिल डॉ. सुलक्ष्य मित्तल ने बताया कि पेट और हिस्सों में से 15 किलो तक के बड़े ट्यूमर निकाले गए हैं। लेकिन जांघ से पहली बार इतना बड़ा ट्यूमर निकाला गया है। तमाम मेडिकल जर्नल में भी जांघ में इतने बड़े ट्यूमर की बहुत कम जानकारी है।
फैलने वाला नहीं था ट्यूमर
डॉ. मित्तल के मुताबिक अच्छी बात यह है कि यह ट्यूमर फैलने वाला नहीं था। इसलिए इसे काट कर निकाल दिया गया। अब मरीज की हालत बेहतर है, एक दो दिन में वह चलना भी शुरू कर देगी। ऑपरेशन सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अरविंद राय के निर्देशन में डॉ. सुधीर पाल, डॉ. अर्चना शुक्ला, डॉ विकास लाल, डॉ. अभिषेक, डॉ. सुलक्ष्य, डॉ. उर्वषी की टीम ने किया।
ट्यूमर क्या होता है
ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के समूह होते हैं जो गांठ के रूप में विकसित होते हैं। ये हमारे शरीर की अरबों कोशिकाओं में से किसी एक में शुरू हो सकते हैं। एक ट्यूमर, जिसे नियोप्लाज्म भी कहा जाता है, ऊतक का असामान्य द्रव्यमान है जो ठोस या द्रव से भरा हो सकता है। ट्यूमर होने का अर्थ यह नहीं है कि आपको कैंसर हो गया है। कुछ ट्यूमर कैंसर जरूर बन सकते हैं, लेकिन ज्यादातर ट्यूमर कोई परेशानी नहीं पैदा करते। इन्हे "बिनाइन" (Benign) कहते हैं, यानी "कैंसर रहित"। बिनाइन ट्यूमर एक प्रकार की गांठ या सूजन है और यह आवश्यक रूप से स्वास्थ्य को खतरा पैदा नहीं करता है। यह कैंसर की तरह आस-पास के ऊतकों तक नहीं पहुँचता और न ही शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता।
Published on:
23 Jul 2021 11:44 pm
